निस्वार्थ भाव से समर्पित होकर दीन दुखी मानव ही नहीं प्राणी मात्र की तन से सेवा करने वाला सबसे महान है – राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश

मेहसाना (मूर्तिपूजक जैन उप संघ 9 मई 2021) । निस्वार्थ भाव से समर्पित होकर दीन दुखी मानव ही नहीं प्राणी मात्र की तन से सेवा करने वाला सबसे महान है । उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने उप नगर जैन संघ मेहसाना द्वारा कोविड-19 जैन परिवारों निशुल्क होम डिलीवरी भोजन सेवा कार्यक्रम को संबोधित करते कहा कि तन-मन से जनसेवा सर्वोपरि सेवा है ।
उन्होंने कहा कि करोड़ों की संपत्ति पड़ी हो और तन से उसका उपयोग करने वाले कार्यकर्ता ना हो तो क्या अकेला क्या सेवा संभव हो सकती है । राष्ट्रसंत ने बताया कि तन सेवा से अहंकार गलता है समय का दान सबसे बड़ा दान है तन मन और तीसरे स्थान पर धन को महापुरुषों ने स्थान दिया है। राष्ट्रसंत कमलमुनि ने जी बताया कि अपना जीवन खतरे में डालकर कोविड-19 की सेवा में समर्पित साक्षात देवदूत के समान है ।
राष्ट्रसंत ने सभी राजनेताओं को सुझाव दिया कि जिस प्रकार वोट लेने के लिए घर-घर जाते हैं उसी प्रकार भी सेवा के लिए घर जाकर आदर्श प्रस्तुत करें । लंबे समय से मूर्तिपूजक जैन संघ मेहसाना द्वारा करीब 50 से 60 परिवार से ज्यादा को प्रतिदिन सात्विक भोजन उनके घरों पर पहुंचाने का सेवा काम कर रहे हैं जो कि बधाई के पात्र हैं तथा 126 परिवारों को 10000 के हिसाब से भोजन किड्स भी वितरित किए गए।