

रतलाम। परम पूज्य साध्वी श्री हेमप्रज्ञाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा की पावन निश्रा में रविवार को तीर्थंकर भगवान श्री नेमिनाथ का पंचकल्याणक महोत्सव भव्य एवं भक्तिमय आयोजन हनुमान रुंडी पर हुआ। प्रारंभ मे 160 श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से अष्टप्रकारी पूजा कर प्रभु की आराधना की।
कार्यक्रम के दौरान “पशुओं की पुकार” एवं “नेम-राजुल का विरह” का भावपूर्ण नाट्य मंचन किया गया। विशेष रूप से पशुओं की पुकार के दृश्यो ने उपस्थित हजारो श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। पशुओं की करुण पुकार सुनकर प्रभु ने बारात लौटा दी और संसार को जीवदया एवं अहिंसा का अनुपम संदेश दिया। इस भावपूर्ण दृश्य को देखकर भक्तों के ह्रदय में जीवदया की भावना जागृत हुई और अभयदान के लिए एक अच्छी राशि एकत्रित हुई, जो इस आयोजन की सार्थकता को दर्शाती है। प्रभु का निर्वाण होने पर चचेरे भाई महाराजा श्री कृष्ण द्वारा अंतिम संस्कार किया गया। संगीतकार रिशभ एवं हर्ष भाई की संगीतमय प्रस्तुतियो ने सभी का मन मोह लिया।
आयोजन के मुख्य लाभार्थी कु. मैत्री निखिल गांधी के जन्मदिन के निमित्त शांताबाई मगनलाल जी गांधी परिवार रहे।
भगवान नेमिनाथ प्रभु के जीवन से जुड़े इन प्रसंगों ने सभी को त्याग, वैराग्य, अहिंसा, जीवदया एवं आत्मकल्याण की प्रेरणा दी। लाभार्थी परिवार ने साधार्मिक भक्ति की। आयोजन मे श्री देवसूर तपागच्छ चारथुई जैन श्रीसंघ व श्री ऋषभदेवजी केसरीमलजी जैन पेढ़ी के अध्यक्ष ने आयोजन को सफल बनाने पर आभार जताया।