मेहसाना (सीमांधर स्वामी जैन मंदिर 11 मई 2021)। जिस मां की आंखों में बेटे द्वारा दिए गए दर्द से आंसू छलक पड़े वह संपूर्ण संपत्ति दान दे दे और चारों धाम की यात्रा कर ले फिर भी उसे नरक में भी जगह नहीं मिलेगी । उक्त विचार राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश ने मदर्स डे पर सीमधर स्वामी जैन मंदिर में विचार व्यक्त करते कहा कि परमात्मा के शरीर के स्वरूप का निर्माण भी मां से ही हुआ है ।
राष्ट्रसंत कमलेश ने कहा कि मां के चरणों में सभी देवताओं का निवास है उनके कर्जे से कभी ऋण मुक्त नहीं हो सकते मां के आंचल में स्वर्ग सुख छिपा हुआ है । उन्होंने बताया कि जिंदगी को पानी के लिए तरस आता है और मरने के बाद गंगा स्नान का पाखंड करता है मृत्यु भोज करता है सब मुर्दे को सिंगार कराने के समान है ।
राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश ने कहा कि वृद्धाश्रम संस्कृति और आध्यात्मिकता के लिए कलंक है मानवता को शर्मसार करने वाली यह राक्षस के लक्षण है । राष्ट्रसंत में सरकारों से अनुरोध किया कि जो बेटे मां बाप की सेवा नहीं करते उनकी संपत्ति पर बेटे का नाम हटाकर मां-बाप का अधिकार कर देना चाहिए मां के चरणों में जन्नत है यह कभी नहीं भूलना चाहिए ।