भादवा सुदी पंचमी की पुण्य बेला में वासुकीनाथ महाराज का दिव्य महाअभिषेक

  • शिवशक्ति की आराधना से आलोकित होगा रतलाम
  • विश्वशांति, जनकल्याण एवं समस्त प्राणिमात्र के मंगल हेतु होगा दिव्य अनुष्ठान

रतलाम। जब मन श्रद्धा से झुकता है, हृदय भक्ति से भरता है और आत्मा महादेव के चरणों में समर्पित होती है, तब साधना केवल पूजा नहीं रहती—वह ईश्वर से आत्मिक मिलन का माध्यम बन जाती है।
सनातन संस्कृति में भादो मास को तप, जप, ध्यान, आत्मशुद्धि और शिव आराधना का अत्यंत पावन काल माना गया है। इसी दिव्य आध्यात्मिक वातावरण में भादवा शुक्ल पंचमी की पुण्य बेला पर भगवान शिव के परम प्रिय नागराज वासुकी की आराधना का विशेष आयोजन होने जा रहा है।
मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को शिवशक्ति वासुकी धाम, स्नेह नगर (80 फीट रोड), रतलाम में वासुकीनाथ महाराज का भव्य दिव्य महाअभिषेक वैदिक मंत्रोच्चार, रुद्रपाठ एवं हवन-अनुष्ठान के मध्य सम्पन्न होगा।
दूध, दही, पंचगव्य, गंगाजल एवं पवित्र जल की धाराओं से जब वासुकीनाथ महाराज का अभिषेक होगा, तब रुद्राष्टाध्यायी के मंत्रों और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा धाम शिवमय हो उठेगा।
यह महाअभिषेक केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि विश्वशांति, राष्ट्र की समृद्धि, जनकल्याण और समस्त प्राणिमात्र के मंगल की सामूहिक आध्यात्मिक प्रार्थना होगी।
विशेष आध्यात्मिक अनुष्ठान
श्रद्धालुओं द्वारा अपने ऊपर से तीन बार नारियल उतारकर मंदिर की तीन परिक्रमा की जाएगी तथा नारियल को हवन कुंड में समर्पित किया जाएगा। यह समर्पण अपने भीतर की नकारात्मकता, बाधाओं एवं चिंताओं को प्रभु के चरणों में अर्पित कर नई ऊर्जा, शांति और सकारात्मक चेतना प्राप्त करने की आध्यात्मिक भावना का प्रतीक होगा।
कहा जाता है कि जहाँ सच्ची श्रद्धा से ॐ नमः शिवाय का जाप होता है, जहाँ शिवनाम का स्मरण होता है और जहाँ भक्त अपने मन को प्रभु के चरणों में समर्पित करता है, वहाँ वातावरण स्वयं आध्यात्मिक ऊर्जा से स्पंदित होने लगता है।
आस्था का जीवंत केंद्र बन रहा वासुकी धाम
स्नेह नगर विकास समिति की अध्यक्ष एवं नागराज वासुकी की परम भक्त चेतना पाटीदार ने बताया कि वासुकीनाथ महाराज की असीम कृपा से धाम में प्रत्येक उजियारी पंचमी एवं प्रत्येक रविवार को विशेष पूजन-अर्चन नियमित रूप से सम्पन्न होता है।
श्रद्धालुओं की निरंतर बढ़ती आस्था इस बात का प्रमाण है कि वासुकी धाम अब केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं, बल्कि भक्ति, श्रद्धा, सेवा, साधना और आध्यात्मिक चेतना का पावन केंद्र बनता जा रहा है।
यह दिव्य महाअभिषेक पंडित प्रवीण शर्मा के सानिध्य में सम्पन्न होगा।
आयोजन समिति ने समस्त धर्मप्रेमी नागरिकों, मातृशक्ति, युवाओं एवं शिवभक्त श्रद्धालुओं से विनम्र आग्रह किया है कि वे इस पावन अवसर पर उपस्थित होकर वासुकीनाथ महाराज का आशीर्वाद प्राप्त करें तथा विश्वशांति एवं जनकल्याण की इस सामूहिक आध्यात्मिक साधना में सहभागी बनें।

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