

राजगीर (नालंदा)। इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली के सी. डी. देशमुख ऑडिटोरियम में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन इंडिया स्ट्रीट वेंडर फोरम-2026 में भाग लेकर नालंदा जिले का प्रतिनिधिमंडल आज मंगलवार को राजगीर वापस लौट आया। लौटते ही प्रतिनिधियों का राजगीर स्टेशन पर फुटपाथ दुकानदारों ने जोरदार स्वागत किया।बता दें कि 18 एवं 19 सितंबर को आयोजित इस महासम्मेलन में देश के कोने-कोने से आए हजारों फुटपाथ वेंडरों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था।
इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में नालंदा जिले का प्रतिनिधित्व फुटपाथ दुकानदार अधिकार मंच के अध्यक्ष रमेश कुमार पान, संरक्षक उमराव प्रसाद निर्मल और कार्यकारी अध्यक्ष *गोपाल भदानी ने किया। राष्ट्रीय मंच पर उठाया नालंदा का मुद्दा*सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना में आ रही बाधाओं, फुटपाथ दुकानदारों के लिए सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, बीमा, स्थायी वेंडिंग जोन का निर्माण, पहचान पत्र एवं लाइसेंस और पुलिस व नगर निकायों द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न से सुरक्षा जैसे ज्वलंत मुद्दों पर गहन मंथन किया गया।नालंदा के प्रतिनिधियों ने मंच से जिले के हजारों रेहड़ी-पटरी दुकानदारों की समस्याओं को बेबाकी से रखा।
उन्होंने बताया कि राजगीर जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल पर भी वेंडरों को स्थायी जगह नहीं मिल पा रही है और लगातार अतिक्रमण के नाम पर उजाड़ा जा रहा है।*धरातल पर लागू करेंगे संकल्प*दिल्ली से लौटने के बाद अध्यक्ष *रमेश कुमार पान* ने कहा, “यह सम्मेलन हमारे लिए बहुत ज्ञानवर्धक रहा। हम वहाँ से सिर्फ भाषण सुनकर नहीं, बल्कि कानूनी जानकारी और अपनी आजीविका के संरक्षण के ठोस उपाय सीख कर लौटे हैं। नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (NASVI) के राष्ट्रीय नेताओं ने हमें बताया कि स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 के तहत हमारे क्या-क्या अधिकार हैं। अब हम इस जानकारी को धरातल पर लागू करेंगे।”उन्होंने आगे कहा कि जल्द ही नालंदा जिले के सभी प्रखंडों में फुटपाथ दुकानदारों के लिए जागरूकता शिविर लगाया जाएगा, ताकि कोई भी वेंडर अपने अधिकारों से वंचित न रहे।