भारत माता की सामूहिक महाआरती के साथ 80 सेवाभावी महिलाओं का विशेष सम्मान





रतलाम। गणेश उत्सव के अंतर्गत अर्धनारीश्वर परिवार एवं माँ के लाडले आर.के. यादव मित्र मंडल द्वारा राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, स्वदेशी एवं वैदिक सनातन संस्कृति के जागरण का संदेश देने के उद्देश्य से मंगलवार को एक अनूठे एवं वृहद आयोजन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम रतलाम के बाजना बस स्टैंड के समीप वाल्मीकि समाज की बस्ती में संत समाज की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में वाल्मीकि समाज की 80 सेवाभावी बहनों को उनके सामाजिक सेवा कार्यों के लिए प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर विशेष सम्मान किया गया। इस अवसर पर संत समाज एवं उपस्थित समाजसेवियों ने सामाजिक समरसता, राष्ट्रप्रेम, स्वदेशी, कुटुंब प्रबोधन, नागरिक अनुशासन तथा वैदिक सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं जागरण का संदेश दिया।
कार्यक्रम में निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 आनंद गिरि जी महाराज, श्रृंगेरी मठ दंडी स्वामी आश्रम के पूज्य गुरुदेव आत्मानंद जी सरस्वती, अखंड ज्ञान आश्रम के श्री श्री 1008 देवस्वरूप जी महाराज तथा महंत नरेंद्र गिरि जी महाराज सहित संत समाज की विशेष उपस्थिति रही। संगठन से जुड़े पदाधिकारी, अखाड़ों से जुड़े उस्ताद, समाजसेवी एवं बड़ी संख्या में नागरिक भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं संतों के सम्मान से हुआ। इसके पश्चात वाल्मीकि समाज सहित उपस्थित नागरिकों ने सामूहिक रूप से भारत माता की भव्य महाआरती की। महाआरती के दौरान राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं सामाजिक समरसता का संकल्प लिया गया।
भारत माता की आरती के पश्चात संगठन से जुड़े पदाधिकारियों एवं समाजसेवियों ने राष्ट्रहित, समाजहित, सामाजिक समरसता एवं कुटुंब प्रबोधन जैसे विषयों पर अपने विचार रखे।
इस अवसर पर अर्धनारीश्वर परिवार की गुरु माँ काजल गुरु जागीरदार द्वारा समय-समय पर वैदिक सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रहित के लिए किए जा रहे कार्यों की उपस्थितजनों ने सराहना की। इसी क्रम में ज्ञान उदय फाउंडेशन की ओर से गुरु माँ काजल गुरु जागीरदार को इंडियन इंस्पिरेशन अवार्ड से सम्मानित किया गया तथा अर्धनारीश्वर परिवार की ओर से शील्ड एवं मेडल प्रदान कर विशेष सम्मान किया गया।
आयोजकों ने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके माध्यम से समाज में राष्ट्रभाव, सामाजिक समरसता, सेवा, संस्कार एवं सनातन संस्कृति के प्रति जागरूकता का संदेश देने का प्रयास किया गया। आयोजन में विभिन्न समाजों की सहभागिता ने सामाजिक एकता और समरसता की भावना को और मजबूत किया।
आयोजन में विशेष रूप से प्रान्त व स्थानीय सामाजिक सेवा से जुड़े मोहित जी सेंगर, माधव जी काकानी, नीरज जी दुबे, धर्मेंद्र चौहान , डॉ. राधारमण शर्मा हेमंत जी रावत एवं स्वतंत्र पाल ने उपस्थित होकर अध्यात्म , समरसता व राष्ट्रहित से ओतप्रोत अपने विचार व्यक्त किए।
अर्धनारीश्वर परिवार द्वारा आयोजित यह विशेष कार्यक्रम रतलाम में सामाजिक एवं राष्ट्रीय चेतना को समर्पित एक प्रेरणादायी आयोजन के रूप में संपन्न हुआ।