
चैन्नई । जैन समाज का सबसे बड़ा पर्व दसलक्षण महापर्व के ओर क्षमा वाणी महापर्व के अवसर पर परम पूज्य प्राकीर्ताचार्य 108 श्री वसुनंदी जी गुरुदेव की परम प्रभावीका शिष्या भारत कोहिनूर, श्रुत आराधिका परम पूज्य 105 श्री गुरु नंदनी माता जी एवं परम तपस्विनी परम पूज्य 105 श्री ब्रह्मनंदिनी माताजी ससंघ सानिध्य में विशेष भक्तामर की महिमा पर कार्यक्रम किया गया। जिसमें सर्व प्रथम समाज के लोगो द्वारा प्रातः जैन धर्म के तीर्थंकर देवाधिदेव 1008 श्री आदिनाथ भगवान का का अभिषेक ओर शांति धारा किया गया। पश्चात पूजा अर्चना किया गया दिन में जैन धर्म के सबसे भक्तामर का वाचन किया गया संध्या में आरती के पश्चात एक कार्यक्रम एक शाम भक्तामर के नाम🪔 कार्यक्रम का आयोजन किया गया । जिसमे भक्तामर स्तोत्र का रहस्य एवं चमत्कार,स्वयं हिलर बने । इस अभियान मे लाखों की संख्या में हीलर बन चुके हैं और स्वयं अपने रोगों का उपचार कर रहे हैं तथा दूसरों को भी लाभ प्रदान कर रहे हैं।
भक्तामर आगाज ,एक नया अंदाज
एक स्वर, एक साथ, जिन धर्म के साथ
“भक्तामर का मार्ग अपनाओ,
मन,वचन, काया को पवित्र बनाओ ,
जीवन में सुख, शांति और समृद्धि पाओ।”
हीलिंग एवं मेडिटेशन
आचार्य मानतुंग स्वामी ने कैसे की भगवान की भक्ति ,इस तरह करो भगवान की स्तुति चमक उठोगे। काव्य पाठ से लाभ, गुप्त शक्ति को आप जानना चाहोगे? जो चाहोगे वह होगा आजमा कर देखिए कैसे करें भगवान के गुणों का गान यह सब जानने का सौभाग्य प्राप्त हुआ , अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त भक्तामर स्पिरिचुअल हीलर, गायिका, मेडिटेशन क्वीन , स्पोर्ट्स पर्सन, नारी रत्न एवं भक्तामर गौरव पुरस्कार विजेता, योगा ट्रेनर, समाज सेविका एवं अन्य विश्व रिकॉर्ड होल्डरडॉक्टर सरिता जैन काला के द्वारा । डॉ सरिता जी धार्मिक, सामाजिक क्षेत्र में अग्रणी तो है ही साथ ही खेल जगत में भी अपना दमखम लगाकर अव्वल नंबर पर है उनके नाम अनेक रिकार्ड है यह सारे गेम खेलती है और अभी पिछले महीने इन्होंने बैडमिंटन चैंपियनशिप टूर्नामेंट में बेस्ट वूमेन प्लेयर एवं चैंपियन का अवार्ड जीता है।
आपकी साधना ही आपकी सबसे बड़ी पहचान है।
” जो भक्तामर को केवल पढ़ता है वह श्रद्धालु बनता है ,और जो भक्तामर को जीवन में उतारता है वह स्वयं हीलर बन जाता है l
संपूर्ण महिला मंडल की सदस्याओं ने एवं जैन समाज के सदस्यों ने भी कार्यक्रम की सराहना करते हुए सरिता जी को बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की।
आज की ये पावन संध्या वाकई में अविस्मरणीय बन गई। जिस प्रकार आदरणीय डॉ. सरिता जैन काला ने अपनी मधुर वाणी में भक्तामर स्तोत्र की आराधना और मेडिटेशन के माध्यम से हम सभी को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया, उसके लिए शब्द कम हैं। आपकी वाणी ने सच में हमारे हृदय को शांति और आत्मा को एक नई सकारात्मकता प्रदान की है।
महिला मंडल की ओर से हम हृदय की गहराइयों से डॉक्टर सरिता का बहुत-बहुत आभार और धन्यवाद व्यक्त करते हैं। आपने अपना अमूल्य समय हमें दिया, अपने ज्ञान से हमें लाभान्वित किया, साथ ही सभी को आपने प्राइज दिए उसके लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद । हम प्रभु से प्रार्थना करते हैं कि आपकी यह भक्तामर साधना ऐसे ही अनवरत चलती रहे और आप यूं ही हम सबका मार्गदर्शन करती रहें। डॉ सरिता जी ने अंजना जैन पांड्या ,संगीता जैन बड़जात्या ,संतोष जैन पाटनी, रेखा जैन ड़जात्या,चेन्नई दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष मुकेश जैन ठोलिया, मंत्री रोहित जैन, सुनील जैन काला, राजकुमार जैन पाटनी, सुरेश कुमार जैन सेठी एवं समाज के सभी अन्य सदस्यों का सभी का आभार व्यक्त किया ।
डॉ सरिता जी से निवेदन किया गया कि इस तरह का आयोजन करते रहना चाहिए जिससे भक्तामर जी की प्रभावन। अधिक से अधिक हो सके।साथ कि कोडरमा से मीडिया प्रभारी राज कुमार जैन अजमेरा,स्थानीय भक्त संजय बबिता जैन गंगवाल, धनबाद से भक्तामर हीलर बन्दना जैन गंगवाल आदि ने डॉक्टर सरिता को अच्छे कार्य की बधाई दी।