साधुमार्गी जैन संघ की 34वीं वार्षिक गोष्ठी संपन्न, तप-त्याग एवं ज्ञानार्जन करने वालों का हुआ सम्मान

जावरा (अभय सुराणा) । तप, त्याग, संयम और संस्कारों की प्रेरणादायी भावना के बीच 1008 श्री रामलाल जी म. सा. की आज्ञानुवर्तिनी शासन दीपिका महासती श्री प्रभावना श्रीजी म.सा. आदि ठाणा-7 के पावन प्रेरणा से चातुर्मास के अंतर्गत हुई तपस्या का श्री साधुमार्गी जैन संघ, जावरा द्वारा संघ की 34वीं वार्षिक गोष्ठी एवं तपस्वी बहुमान समारोह रविवार 4 अक्टूबर को जैन दादावाड़ी परिसर में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में तपस्वियों के बहुमान के साथ धर्म एवं ज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले बच्चों तथा उनके ज्ञानदाता गुरुओं का सम्मान कर धर्म, संस्कार एवं ज्ञान की परंपरा को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री विजय कुमार ढंच, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं मध्यप्रदेश अंचल अध्यक्ष, बदनावर रहे। विशेष अतिथि के रूप में राष्ट्रीय मंत्री श्री विनोद कुमार मेहता तथा विशेष आमंत्रित सदस्य मध्यप्रदेश अंचल श्री अजीत चेलावत, जावद उपस्थित रहे।
समारोह में संघ अध्यक्ष श्री पंकज कांठेड़, महामंत्री श्री राजेश संघवी, समता युवा संघ अध्यक्ष श्री निलेश कांठेड़, मंत्री श्री रितेश भंडारी, महिला मंडल अध्यक्ष श्रीमती चंचल पटवा, मंत्री श्रीमती पूजा धाड़ीवाल, बहू मंडल अध्यक्ष श्रीमती रचना पावेचा एवं मंत्री श्रीमती सोनिया छजलानी सहित संघ के पदाधिकारी एवं वरिष्ठ समाजजन उपस्थित रहे।
बदनावर से श्री मनोज पीपाड़ा, उज्जैन से श्री राजीव सूर्या, श्री अभय भंडारी, श्री कैलाश नाहर श्री ललित पगारिया, श्री अशोक जी छजलानी, श्री पुखराज पटवा, श्री पारस कांठेड़, श्री पुखराज कांठेड़, श्री विजय कांठेड़, श्री आशीष पगारिया श्री संजय कोलन, श्री मुकेश पगारिया, श्री संजीव टुकड़िया, श्री नरेश मेहता, श्री श्रेणिक चौहान, श्री पारस कोठारी, रवि खारीवाल, श्री सुनील पोखरणा, श्री प्रदीप कोठारी, श्री सुभाष खारीवाल सहित विभिन्न जैन संस्थाओं के अध्यक्ष-मंत्री, प्रमुख समाजजन, पत्रकार एवं चिकित्सक उपस्थित रहे।
समारोह में अठाई एवं अठाई से अधिक तपस्या करने वाले तपस्वियों, वर्षीतप एवं अन्य विशिष्ट तपस्याएं करने वाले महानुभावों का बहुमान किया गया। साथ ही धर्म एवं ज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले बच्चों तथा उनके ज्ञानदाता गुरुओं का सम्मान पाठशाला प्रभारी श्री अनिल पावेचा एवं नो एण्ड ग्रो प्रमुख श्रीमती निधि कोठारी की उपस्थिति में किया गया।
स्वागत उद्बोधन संघ अध्यक्ष पंकज कांठेड़ ने दिया। संघ महामंत्री राजेश संघवी ने वर्षभर की विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि तपस्या आत्मशुद्धि का मार्ग है और ज्ञान संस्कारों की नींव है। तपस्वियों एवं प्रतिभावान बच्चों का सम्मान समाज की नई पीढ़ी को धर्म, संयम और संस्कारों से जोड़ने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम की सफलता में संयोजक भूपेंद्र पावेचा, अश्विन भंडारी, गौरव लुणिया एवं अजीत पगारिया सहित समाजजनों का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन प्रदीप सेठिया एवं श्रीमती वंशिका नाहर ने किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *