डॉ दीपक पालडिया की सराहनीय भूमिका

जावरा (अभय सुराणा) । सोयाबीन कटाई के लिए मजदूरी करने खाकरा कुड़ी, सैलाना से लाला खेड़ा आई 24 वर्षीय रीना बाई पत्नी शांतिलाल मीणा को मंगलवार 6 अक्टूबर की सुबह अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। असहनीय दर्द के चलते वह खेत में ही बैठ गई। इस दौरान लाला खेड़ा निवासी कमलेश सेन ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल सिविल हॉस्पिटल जावरा के प्रभारी डॉ. दीपक पालड़िया को फोन कर पूरी स्थिति से अवगत कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ. दीपक पालड़िया ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. किरण वाडीवा के मार्गदर्शन में सिविल हॉस्पिटल जावरा से एंबुलेंस चालक शंकर माली एवं दाई सुशीला शर्मा को आवश्यक डिलीवरी किट के साथ लाला खेड़ा रवाना किया।
स्वास्थ्य टीम ने मौके पर पहुंचकर खेत में ही प्रसव की प्रक्रिया शुरू की। दाई सुशीला शर्मा ने तत्परता एवं कुशलता से खेत में ही रीना बाई की सफलतापूर्वक डिलीवरी कराई। इस दौरान रीना बाई की मां भूरीबाई तथा दाई विनीता सेन भी मौके पर मौजूद रहीं।
डिलीवरी के बाद जच्चा एवं नवजात बालिका को तत्काल न्यू मैटरनिटी विंग जावरा लाया गया, जहां उन्हें लेबर रूम में भर्ती कर डॉ. दीपक पालड़िया, श्वेता सिंह एवं शिरोमणि मसीह द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक उपचार शुरू किया गया। चिकित्सकों के अनुसार रीना बाई एवं नवजात बालिका दोनों स्वस्थ हैं। नवजात बालिका का वजन 3 किलो 200 ग्राम बताया गया है। बताया गया कि रीना बाई की यह दूसरी डिलीवरी है तथा गर्भावस्था के दौरान उनकी आवश्यक जांचें, टीकाकरण एवं दवाइयों का पूरा कोर्स कराया जा चुका था।
रीना बाई की मां भूरीबाई ने समय पर सहायता पहुंचाने और सुरक्षित प्रसव कराने के लिए डॉ. दीपक पालड़िया सहित पूरी स्वास्थ्य टीम का आभार व्यक्त किया तथा सिविल हॉस्पिटल जावरा की स्वास्थ्य सेवाओं की सराहना की। उक्त जानकारी सिविल हॉस्पिटल जावरा के प्रभारी सुपरवाइजर शैलेन्द्र कुमार दवे ने दी।