
सम्मेदशिखर जी। तपस्वी सम्राट परम पूज्य आचार्य श्री 108 सन्मति सागर जी महाराज परम पूज्य आचार्य श्री 108 पुष्पदंत सागर जी महाराज के आशीर्वाद से भारत गौरव आत्मा हितंकर तीर्थंकर मार्ग साधना महोदधि अंतर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महाराज का सानिध्य व मुनि श्री 108 सौम्य मूर्ति पीयूष सागर जी महाराज के निर्देशन में दीक्षा कल दिनांक 30 जुलाई 2021 को श्री दिगंबर जैन बिसपंथी कोठी अन्तर्मना सभागृह में संपन्न होगी जहां पर सौभाग्यशाली दीक्षार्थी बहन शकुंतला देवी जैन चौधरी कोलकाता निवासी हैदराबाद प्रवासी जीवन के सब सुख सुविधाओं को छोड़कर वैराग्य मय अपना जीवन ज्ञापन करेंगे जैन धर्म के अनुसार दीक्षा का अर्थ वैराग्य की ओर जा जाना होता है अर्थात सब भौतिक सुख सुविधा घर परिवार बेटा बेटी रिश्तेदार सब को त्याग कर केवल अपने गुरु व जिनेंद्र देव की भक्ति में रमजाना होता है मनोज जैन चौधरी ने बताया की कल होने वाली जैनेस्वरी दीक्षा समारोह में प्रातः देव वंदना गुरु आहार चर्या वह दीक्षा दी बहन को जुलूस के साथ अन्तर्मना गुरुदेव के पास दीक्षा प्रदान करने हेतु ले जाया जाएगा जिसके बाद दोपहर 2:00 आचार्य श्री के मुख से सभी क्रियाओं को पूर्ण कर दीक्षा प्रदान की जाएगी इस अवसर पर सभी गुरु भक्तों को साधना में चल रहे गुरु का एक बार पुनःमंगल दर्शन और आशीष मिलेगा ज्ञात हो कि आचार्य श्री 23 जुलाई से 557 दिन की मौन ओर उपवास की साधना चल रही है जो 19 महीने तक चलेगी कोडरमा मीडिया प्रभारी राज कुमार जैन अजमेरा, नवीन जैन ने दी।