तपा गच्छ मूर्तिपूजक गच्छाधिपति के 70 साधु साध्वी ने मुनि कमलेश को साहित्य भेंट करके सम्मानित किया


अगलोड़ मणिभद्र जैन मंदिर तीर्थ 30 जनवरी 2022 । आध्यात्मिक पारिवारिक सामाजिक राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय विषमताओं से मुक्ति दिलाना धर्म गुरु का मुख्य लक्ष्य होना चाहिए उक्त विचार राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश ने संबोधित करते कहा कि विषमताओं से मुक्ति पाए बिना धार्मिकता में प्रवेश असंभव है। उन्होंने कहा कि विषमता जिस के निमित्त से आती है उसका नुकसान हो या ना हो उज्जवला में हमारे सद्गुण नष्ट हो जाते हैं। मुनि कमलेश ने बताया कि विश्व के सभी धर्म का सद्भाव साधना का राजमार्ग है विषमता अशांति की जननी है।
राष्ट्रसंत ने कहा कि विषमता परमाणु बम से भी खतरनाक है जो आत्मा के भीतर और बाहर संसार में भी तबाही मचा सकती है । जैन संत ने बताया कि विषमता की ज्वाला को वीतराग वाणी के माध्यम से ही समाप्त किया जा सकता है तपा गच्छ मूर्तिपूजक गच्छाधिपति के 70 साधु साध्वी ने मुनि कमलेश को साहित्य भेंट करके सम्मानित किया। अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच से नई दिल्ली की ओर से आचार्य प्रवर को आदर की चादर भेंट कर अभिनंदन किया गया।