
रतलाम । श्रमण संघीय आचार्य सम्राट ध्यानयोगी, चतुर्थ पट्टधर डाक्टर शिवमुनि जी मसा ने अपने अपने सूरत प्रवास के दौरान देश भर के संघों को प्रेरणा दी है बुजुर्ग एंव निशक्त एंव एकल सन्त सतियो के लिये स्थायी सेवाधाम बनाए जाए जिसमें ऐसे सन्त सती के रहने गोचरी पानी धर्म ध्यान एंव चिकित्सा की समुचित सुविधा हो।
श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ नीमचौक रतलाम के संघरत्न इन्दरमल जैन, महेंद्र बोथरा एंव इंदौर के रमेशजी भंडारी जो की इस अवसर पर सूरत में उपस्थित थे ने बताया की आचार्य श्री की इसी इसी भावना से प्रेरणा लेकर रतलाम मैं जैन दिवाकर स्मारक पर सन्त मण्डल के लिये सेवाधाम प्रारम्भ किया गया है।
जंहा वर्तमान में उपप्रवर्तक श्री प्रदीप मुनि जी मसा, आगम रसिक श्री ऋषभमुनि जी मसा एंव सेवाभावी जिनेन्द्र मुनि जी मसा विराजमान है। और भी कोई संतमुनि राज अगर इस सेवा का लाभ लेना चाहते है तो सादर आमंत्रित है।