उपासना पद्धति का प्रयोग आत्म शुद्धि के लिए होता है साधन पवित्र होगा तभी मंजिल प्राप्त होगी- राष्ट्र संत कमल मुनि कमलेश

कड़ियां जिला उदयपुर सौभाग्य धाम महातीर्थ 22 फरवरी 2022 । द्रव्य क्षेत्र काल भाव के आधार पर उपासना पद्धति की भिन्नता को लेकर टकराव पैदा करना अधर्म और पाप है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने संबोधित करते कहा कि उपासना पद्धति साधन है एक मंजिल को पाने के लिए अनेक साधन हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि उपासना पद्धति का प्रयोग आत्म शुद्धि के लिए होता है साधन पवित्र होगा तभी मंजिल प्राप्त होगी।
मुनि कमलेश ने बताया कि उपासना पद्धति के नाम पर टकराव फिरका परस्ती और नफरत आतंकवाद से भी ज्यादा घातक है।
राष्ट्र संत ने स्पष्ट कहा कि विश्व का कोई भी धर्म अलगाव पैदा करने की शिक्षा नहीं देता मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना। जैन संत ने श्रमण संघ के महामंत्री श्री सौभाग्य मुनि कुमुद को समन्वय का प्रतीक बताया कड़ियां में गौशाला खोलने का प्रस्ताव रखा।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली राजस्थान के अध्यक्ष अनिल जारोली उपाध्यक्ष गणपत भंडारी संरक्षक डॉ लक्ष्मी लाल वीरवाल जैन गोपीलाल वीरवाल जैन ओमप्रकाश वीरवाल जैन जीवन सरा फ महिला शाखा अनिता भंडारी ललिता बापना पायल जैन ने अतिथियों का स्वागत किया 23 फरवरी नवरत्न सोसाइटी भूवाना में प्रातः 9:30 बजे प्रवचन होगा।