

चित्तौड़गढ़ चंदेरिया 21 मार्च 2022 । किसी आत्मा को सताने पर उस पर जुल्म करने पर उसके अंदर से उठने वाली आह हमें मिट्टी में मिला देती है । उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने संबोधित करते कहा कि बद्दुआ से परमात्मा भी नहीं बचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इंसान तो क्या पशुओं की बद्दुआ भी हमारी शांति भंग कर सकते हैं उसका दुष्प्रभाव पशु पक्षी वृक्ष और पूरी सृष्टि पर पड़ता है ।
मुनि कमलेश ने बताया कि अग्नि शत्रु और कानून से बच सकता है लेकिन बद्दुआ से उल्टी गिनती शुरू होती है जन्म जन्मांतर भोगना पड़ता है । राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि धन वैभव सत्ता और संपत्ति बद्दुआ से नहीं बचा सकती है श्रवण कुमार के माता पिता की बद्दुआ से राजा दशरथ भी नहीं बच पाया।
जैन संत ने बताया कि किसी को मानसिक यातना देना जलील करना अच्छा उपेक्षित करना भी बद्दुआ को खुला निमंत्रण देने के समान है सुरेश कुमार जी सिंघवी की मार्बल फैक्ट्री पर प्रवचन का आयोजन हुआ गौतम प्रसादी का लाभ लिया 21 मार्च शाम को गंगरार 22 मार्च हमीरगढ़ 23 और 24 को बीच में 25 मार्च को भीलवाड़ा पधारने की संभावना है घनश्याम मुनि ने मंगलाचरण किया गौतम मुनि ने विचार व्यक्त किए अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली चित्तौड़गढ़ के वरिष्ठ कार्यकर्ता पारस डांगी पवन पटवारी प्रकाश नाहर प्रकाश बोरा आदि ने विहार सेवा का लाभ लिया