हास्य बुलेटिन लटकता खंजर का हुआ विमोचन


रतलाम । होली के पावन पर्व पर श्रीजी पैलेस में नगर में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी २५ वें लटकता खंजर के विमोचन कार्यक्रम में रतलाम प्रेस क्लब अध्यक्ष राजेश जैन ने कहा कि शुद्ध हास्य हमारे जीवन की अत्यंत आवश्यकता है । जो लगातार २५ वर्षो से हास्य बुलेटिन का शुद्ध साहित्यिक रूप से प्रकाशन किया जाता है । हास्य बुलेटिन का प्रकाशन करना यह कार्य बहुत ही कठिन है ।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष जिलाध्यक्ष महेन्द्र्र कटारिया कहा कि इस प्रकार के हास्य आयोजनों का सार्वजनिक स्थान पर आयोजन होना चाहिए । जीवन में तनाव से मुक्ति पाने के लिए ऐसे आयोजन आवश्यक है ।
भाजपा नेता निमिष व्यास ने कहा कि इन आयोजनों को सार्वजनिक स्थानों पर करने से नगर की साहित्यिक प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया जाएगा और उन्ही के माध्यम से सार्वजनिक बौद्धिक विकास की नींव रखने में सहायक होकर युवाओं को भारतीय संस्कृति से परिचय करा सकेंगे ।
वरिष्ठ पत्रकार श्रेणिक बाफना ने कहा कि हमारे जीवन में एवं सांस्कृतिक विकास मंच सामाजिक क्षैत्रको स्वच्छ वातावरण निर्मित करने के लिए राष्ट्रीय चेतना स्थापित करने हेतु उक्त आयोजनों की आवश्यकता है जिसके द्वारा नव निर्माण की आधारशीला स्थापित कर सकें ।
इसी अवसर पर सत्य सांई योग साधना केन्द्र के डॉ. प्रदीप कोठारी ने कहा कि जीवन को स्वस्थ रखने के लिए हास्य अत्यंत आवश्यक है ।
इस अवसर पर श्रीमाली ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष प्रकाश व्यास एवं समाजसेवी शांतिलाल शर्मा ने भी सम्बोधित किया एवं समाजसेवी गोपालजी टंच द्वारा दूरभाष पर अपनी शुभकामनाएं व्यक्त की गई।
इस अवसर पर इंदौर के गीतकार चकोर चतुर्वेदी ने कहा कि गीत कोई प्यार का दे गया होंगा । रंग कोई अपनो से रंग गया होगा । वहीं निसार पठान मेघनगर ने कहा कि हम भारतवासी है।हम भारत की संतान है हम वैद पुरान के तराने है गंगा-जमुना की तहजीब वाले हम देश भक्ति जुनूनों की जिद वाले हम गर्व से कहते है कि हम हिन्दुस्तानी है। नगर के गीतकार हरीशंकर भटनागर ने कोरोना काल की याद को रेखाकिंत करते हुए कहा कि तुफान तो आते रहते है हम जश्न बनाना क्योंछोड़े। सागर की लहरों से डरकर क्याहम पतवार चलाना क्योंछोड़े। इंदौर के हास्य कवि संतोष त्रिपाठी ने कहा कि चांर तारों का वो नीला गगन है । खुशबू हो प्यार की ऐसा चमन मिल मुझको । मेरी ख्वाहिश है यदि मैं मर भी जाओ तो कफन तिरंगा मिले मुझको ।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए अब्दुल सलाम खोकर ने कहा कि बेटियां घर को खुशहाल बनाती है । माँ-बाप का उत्तर दायित्व भी निभाती है। सेवा करती है बेटियां, अपने कुल को भी तारती है । गीतकार श्रीमती इन्दु सिन्हा ने कहा कि अच्छाई और सच्चाई की बली चढ़ जाते है मीडिल क्लासके छोरे, अधुरे इश्क के मारे मीडिल क्लास के छोरे। लक्ष्मण पाठक ने भी लटकता खंजर पर अपनी रचना प्रस्तुत की। जलज शर्मा, द्वारा राष्ट्रीय गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम में समा बांध दिया तथा विशाल वर्मा ने भी फिल्मी संगीत प्रस्तुत किया ।
अतिथि उदबोधन में देवेन्द्र सोलंकी (नईदिल्ली) ने उदबोधन में कहा है कि जीवन की भागदौड़ में औषधी की आवश्यकता निरोगी जीवन के लिए होती है । उसी प्रकार हास्य ही हमें मानसिक ऊर्जा प्रदान करता है ।
कार्यक्रम के शुभारम्भ के अवसर पर गीतकार रामचन्द्र अम्बर ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत करते हुए कहाकि प्यार और मोहब्बत की आधारशीला है। प्रतिनिधित्व गीत प्रस्तुत किया। सरफराज भारतीय थांदला ने हास्य प्रस्तुत करते हुए दर्शकों को अपनी और आकर्षित करते हुए कहा कि कितना कमीशन खा-खा कर और कितना कमीशन खाओगे मेरे देश के नेताओं । वही भारतीय ने व्यंग्य रचना प्रस्तुत करते हुए कहा कि शहीद चन्द्रशेखर आजाद की मिट्टी भाभरा का उल्लेख करते हुए कहा मुझे भगतसिंह और आजाद जैसा लाल चाहिए । मेरे देश को तिरंगे का मान चाहिए।
आयोजन में गणमान्य जनों को सम्बोधित करते हुए आयोजक मिश्रीलाल सोलंकी ने आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत कर लटकता खंजर के २५ वर्षो के सफर का संक्षिप्त परिचय दिया। स्वागत भाषण राजेन्द्र सिंह चौहान ने किया । वहीं प्रो. डी.के. शर्मा ने भी सम्बोधित किया।
वहीं अतिथियों का स्वागत राजेन्द्र कोठारी, सत्यनारायण सोलंकी, दीपक जैन, लखन गेहलोत, राकेश मामा, शिवम शर्मा, दिलीप शर्मा, मनोज शर्मा, मोहनसिंह सोलंकी आदि ने अतिथियों एवं कवियों का स्वागत किया। राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा के महानियंत्रक के.सी. यादव ने संस्था की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी एवं महिला पत्रकार मोर्चा का गठन किया ।
कार्यक्रम में शिक्षक सांस्कृतिक मंच के दिनेश शर्मा, बिजली घर कर्मचारी नेता प्रदीप लोढ़ा, पत्रकार मुकेश गौस्वामी, खादी भंडार उज्जैन के भचावत जी, कांतिकुमार वैद उज्जैन, डॉ. प्रकाश चौपड़ा, डॉ. गौड़, रघुवंशी, महेश त्रिवेदी, जगदीश उपाध्याय, दिनेश जांगलवा, फिरोज शाह, रवि खिंची, श्रीमती पूनम शर्मा (दलौदा), सोनू गुप्ता (मंदसौर), गौरीशंकर खिंची, युवा फोटोग्राफर नुपुर शर्मा, भंवरलाल मूणत, जफर खान, सचिन वर्मा, सुभाष यादव, शेखर जी प्रकाश हेमावत, अखिलेश स्नेही, राजेश मूणत, अमन जैन, संजय चौहान, जय परमार, नेशनल, किशोर सांकला, हिम्मत जैथवार, राजेश पडि़हार, राधेश्याम अरोड़ा, भावेश डोसी, आदि गणमान्य जन उपस्थित थे।
कार्यक्रम में पं. संजय शिवशंकर दवे द्वारा उपस्थित अतिथियों एवं गणमान्य जनों को रूद्राक्ष भेंट किए गए तथा पर्यावरण प्रेमी विशाल वर्मा द्वारा डॉ. प्रदीप कोठारी को इंशुलिन का पौधा भेंट किया गया। कार्यक्रम का संचालन शायर अब्दुल सलाम खोकर एवं आभार ललित चौपड़ा ने माना।