एम आर यूनियन द्वारा शहीद दिवस पर गोष्ठी आयोजित

रतलाम। एम आर यूनियन द्वारा अपने शास्त्री नगर स्थित यूनियन कार्यालय पर अमर शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को याद कर उनकी शहादत को नमन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कॉम अश्विनी शर्मा ने बताया कि भगत सिंह नहीं रहे ,मगर सांडर्स आज भी घूम रहे है । आज के समय में भगत सिंह की जरुरत विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि यह लड़ाई तब तक चलती रहेगी जब तक भारतीय जनता और श्रमिको की आय के साधनों पर शक्तिशाली व्यक्तियों का एकाधिकार रहेगा। साथ ही सभी साथियों से आगामी 28 , 29 मार्च की हड़ताल को सफल बनने की अपील की।
कार्यक्रम के मुख्य व्यक्ता के रूप में कॉम आईं एल पुरोहित ने शहीद भगत सिंह के विचारो को विस्तृत से सबके सामने रखा। आपने बताया कि दिनांक 23 मार्च, शहीद ए आजम भगत सिंह के 92 वे शहादत दिवस पर देश में वैसी ही परिस्थितियां बन गई है जैसी अंग्रेजी गुलामी के दौर में थी । किसानों और मजदूरों के भयंकर शोषण के नीचे भारत कराह रहा था।
सभा को एल आईं सी यूनियन के कॉम प्रियेश शर्मा ने भी संबोधित करते हुए कहा कहां की क्रांति के लिए खूनी लडाईयां अनिवार्य नहीं है और ना ही उसमें व्यक्तिगत प्रति हिंसा के लिए कोई स्थान है । वह बम और पिस्तौल का संप्रदाय नहीं है। क्रांति से हमारा अभिप्राय है अन्याय पर आधारित मौजूदा समाज व्यवस्था में आमूल परिवर्तन। सभा को आंगनवाड़ी यूनियन की कम कृष्णा सोनगरा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का सञ्चालन हरीश सोनी ने किया तथा आभार अभिषेक जैन ने व्यक्त किया।
इस अवसर पर एल आईं सी यूनियन से रमेश मीना तथा एम आर यूनियन के कॉम रशीद खान , उमेश पंवार, अरुण सिंह, प्रशांत पाठक, अमित कुमार, आशिष आचार्य, मनोज असाटी, सौरभ पाठक, आदि उपस्थित थे।

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