हंसना और हंसाना भी जिंदगी में बहुत महत्वपूर्ण कार्य है

  • पंडित शैलेंद्र व्यास द्वारा कोरोना भगावत कथा का वाचन
  • शिक्षक सांस्कृतिक मंच की हास्य काव्य गोष्ठी संपन्न

रतलाम । हास्य और व्यंग जीवन के दो अभिन्न पहलू है मानव जीवन में गमों की भरमार है लेकिन गमों में हंस लिया उसके जीवन में बहार है न्यू जिंदगी का फलसफा है दोस्तों यहां व्यक्ति रोता हुआ आता है खुशियां जमाना मनाता है जो हंसता हुआ जाता है नाम उसी का लिया जाता है ।
हंसी और व्यंग बाणों से ओत-प्रोत होली और फागुन के गीतों के समावेश से सजी होली काव्य गोष्ठी का नजारा कुछ ऐसा ही था जब उपस्थित कवियों ने अपनी शब्द रचनाओं से उपस्थित श्रोताओं को लगभग 2 घंटे तक जी भर कर गुदगुदाया, हंसाया, खिलखिला आया और मुस्कुराने पर मजबूर कर दिया अवसर था । शिक्षक सांस्कृतिक संगठन मंच द्वारा 25 में रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में स्व. श्री सूर्य प्रकाश परिहार तथा श्री शैलेंद्र सिंह चाहर की स्मृति मैं आयोजित हास्य काव्य गोष्ठी का । जिसमें मालवा अंचल के प्रसिद्ध व्यंग्यकार कथाकार पंडित शैलेंद्र व्यास स्वामी मुस्कुरा के द्वारा अपनी प्रसिद्ध कोरोना भगावत कथा के अंश सुनाकर उपस्थित श्रोताओं को लोटपोट कर दिया।
आरंभ में अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया । सरवन के प्रसिद्ध कवि शिक्षक साहित्यकार दिनेश बारोट ने मां सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया । साथ ही अपने फागुन गीत से होली के जनमानस के ऊपर व्याप्त महत्व को प्रतिपादित कर खूब दाद बटोरी । कभी श्याम सुंदर भाटी ने अपनी रचना तथा प्रसिद्ध कवि भावसार बा की प्रसिद्ध रचना को सुना कर श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया। शिवगढ़ से पधारे देवेंद्र वाघेला ने अपनी रचना से नशा मुक्ति का संदेश दिया । उज्जैन से पधारे पंडित शैलेंद्र व्यास स्वामी मुस्कुरा के अपने जीवन में हास्य के महत्व को दर्शाते हुए अपनी मौलिक रचनाओं से लोगों को मस्त रहने और स्वस्थ रहने का संदेश दिया । अपनी हाजिर जवाबी के लिए विख्यात पंडित शैलेंद्र व्यास ने कोरोना कॉल में लिखित अपनी प्रसिद्ध रचना का महत्व दर्शाया आपने वर्तमान काल को युवा पीढ़ी के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण मानते हुए उन्हें 3 एम से दूर रहने का आह्वान किया मोबाइल, मोटरबाइक और मोहब्बत यह तीनों वस्तुएं आज की युवा पीढ़ी को दिग्भ्रमित कर रही है । जो समाज के लिए अत्यंत हानिकारक सिद्ध होगी हमें समय रहते जगना और जगाना होगा। पंडित शैलेंद्र व्यास ने अपने चटपटे रस भरे अंदाज में संस्था अध्यक्ष दिनेश शर्मा द्वारा पूछे गए प्रश्नों के सवाल जवाब देते हुए लोगों को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया । कवि रणजीतसिंह राठौड़ ने भी अपनी रचना का पाठ किया । कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रसिद्ध पत्रकार साहित्यकार पंडित मुस्तफा आरिफ ने कहा कि जीवन में हंसना बहुत बड़ी चुनौती है, हम आज के दौर में अपनी मौलिक हंसी भूलते जा रहे हैं, जीवन बड़ा कष्टदायक और संघर्ष के दौर से गुजरता है जहां हास्य की कल्पना करना बड़ा कठिन काम है लेकिन जो लोग इस विधा को जन-जन तक पहुंचा रहे हैं वह प्रशंसा के योग्य है। कार्यक्रम विशेष अतिथि प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ.मुरलीधर चांदनी वाला ने अतिथि परिचय देते हुए कहा कि हमारे मालवा के दोनों गौरव आज हमारे मंच पर हैं दोनों की अद्भुत प्रतिभा ने पूरे देश में अपने आप को स्थापित किया है जो हमारे लिए बड़े गर्व की बात है । मंच द्वारा आयोजित काव्य गोष्ठी निरंतर अपने उद्देश्यों में सफल हो रही है अच्छे हास्य कवियों को एक मंच प्रदान करना हमारे संगठन का प्रमुख उद्देश्य है । आरंभ में अतिथियों का स्वागत अध्यक्ष दिनेश शर्मा, डॉ. सुलोचना शर्मा, ओ.पी. मिश्रा, गोपाल जोशी, दिलीप वर्मा, रमेश उपाध्याय, कृष्ण चंद्र ठाकुर, नरेंद्र सिंह राठौड़, राधेश्याम तोगड़े, दशरथ जोशी, रमेश परमार, मदनलाल मेहरा, मिथिलेश मिश्रा, स्वतंत्र दशोत्तर, भारती उपाध्याय, प्रतिभा चांदनी वाला, आरती त्रिवेदी, भावना पुरोहित, अर्पित मेहरा आदि ने किया। इस अवसर पर सेवानिवृत्त शिक्षक दयाशंकर पालीवाल को शाल श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। संस्था द्वारा काव्य पाठ करने वाले कवियों को स्मृति चिन्ह तथा पंडित शैलेंद्र व्यास स्वामी मुस्कुराकर को स्व. पीरुलाल बादल स्मृति हास्य शिरोमणि पुरस्कार देकर के सम्मानित किया गया । काव्य गोष्ठी में सर्वश्री प्राचार्य सुभाष कुमावत, ममता अग्रवाल, समाजसेवी महेश व्यास, शैलेंद्र व्यास, सुनील जैन एडवोकेट तथा कवि सतीश जोशी, उत्सव लाल सालवी, मनोहर प्रजापति, अनिल जोशी, विजय यादव, प्रकाश हिमावत, ललित मोयल, दिनेश तिवारी, डॉ. शोभा तिवारी आदि उपस्थित थे।