महापुरुषों ने भी धर्म की साधना माटी पर रहकर की है – राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

भीलवाड़ा दादी धाम मंदिर 3 अप्रैल 2022 । देश की पवित्र माटी से शरीर, मंदिर, मस्जिद बने हैं । स्वर्ग से बढ़कर माटी है। उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने संबोधित करते कहा कि महापुरुषों ने भी धर्म की साधना माटी पर रहकर की है । मजहब से बढ़कर माटी है माटी की रक्षा में ही धर्म भगवान मानवता और महापुरुषों की रक्षा करने के समान है।
उन्होंने कहा कि माटी के प्रति समर्पण न्योछावर और वफादारी के गुण नहीं आते तब तक धार्मिक तो क्या इंसान कहलाने का अधिकारी भी नहीं है।
मुनि कमलेश ने बताया कि माटी की रक्षा मोक्ष की रक्षा से बढ़कर है मां के चरणों में जन्नत है तो जो मां जिस माटी पर खड़ी है उससे बड़ा जन्नत है। राष्ट्रसंत ने आवाहन करके कहा कि हिंसा आतंकवाद व्यसन भ्रष्टाचार और अनैतिकता बलात्कार भ्रूण हत्या गौ हत्या से मुक्त राष्ट्र का निर्माण करने का संकल्प लेना है। जैन संत ने कहा कि साथ ही राष्ट्रीय एकता सर्वधर्म सद्भाव विश्व शांति पर्यावरण अहिंसा के संदेश को विश्व के कोने कोने में पहुंचाने का प्रयास करना है।
भारतीय संस्कृति के नव वर्ष के पावन पर्व पर हजारों कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय एकता के लिए सर्वस्व न्योछावर करने का संकल्प लिया शांति सद्भाव की रैली निकली।

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