
सम्मेदशिखर जी । सम्मेदशिखर जी में मम आराध्य पूज्य पाद .उभय मासोपवासी,साधना महोदधि, महातपोमार्तण्ड, अन्तर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज के 34 वे संयमोत्सव पर सम्मेद शिखर के स्वर्ण भद्र कूट पर चतुर्दशी के पर्व पर, अन्तर्मना के सानिध्य मे सिद्धचक्र महामण्डल विधान की आराधना गणनि आर्यिका विशा श्री माता जी सकल संघ ने एवं आशोक मधु, राहूल रोहित, कीर्ति, चांदनी पहाड़िया गौहाटी परिवार, विट्टू (रूचि) सरावगी बैगलोर मनोज चोधरी हैदराबाद सचिन छाबड़ा गौहाटी, लाली पिंकी,अल्ली बिट्टू ,सत्येंद्र, मोनू आराध्या आदि अनेक भक्तो ने विधान का लाभ लिया ।स्वर्ण भद्र कूट के चरणो की शान्ति धारा करने का सौभाग्य श्री कमलेश जी पहाड़िया कानपुर को लाभ मिला ।अन्तर्मना तपाचार्य को नवीन पिच्छीका आचार्य गुण भद्र नन्दी , मुनि श्री पुण्य सागर जी महाराज ,सौम्य मुर्ति मुनि श्री पीयूष सागर जी संघ एवं गणनि विशा श्री माता जी ससंघ ने भेट की ,और पुरानी पिच्छी का आशोक मधू पहाड़िया को गौहाटी को स्वर्णिम सौभाग्य मिला । आर्यिका पुनीत चैतन्य मति माता जी एवं बिट्टू सरावगी बैगलोर ने जिनवाणी भेट की । अन्तर्मना तपाचार्य के 15 उपवास की पारणा एवं पडघाने का स्वर्णिम सौभाग्य आशोक जी मधु पहाड़िया, बिट्टू सरावगी को मिला । उक्त जानकारी शिवम सोनी,अन्तर्मना संघ,राज कुमार अजमेरा,मनीष सेठी कोडरमा ने दी ।