रतलाम । न्यायालय श्रीमान (योगेन्द्र कुमार त्यागी) विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट रतलाम (म.प्र.) के द्वारा निर्णय दिनांक 23.05.2022 को अभियुक्त राकेश पिता नागू मकवाना उम्र 24 वर्ष नि. ग्राम चिल्लर जिला रतलाम को धारा 5(ठ)/6 पॉक्सो एक्ट में 10 वर्ष का कठोर कारावास और 4000रू अर्थदंड, धारा 366 भादवि में 5 वर्ष का कठोर कारावास एवं 500रू अर्थदंड, धारा 363 भादवि में 3 वर्ष का कठोर कारावास एवं 500रू अर्थदंड से दंडित किया गया तथा आरोपी श्यामू पिता थावरा मकवाना उम्र 25 वर्ष निवासी चिल्लर जिला रतलाम के विरूद्ध आरोप प्रमाणित न पाते हुए दोषमुक्त किया गया।
प्रकरण में पैरवीकर्ता विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट रतलाम श्रीमती गौतम परमार ने बताया कि दिनांक 03.11.16 को जब फरियादी उसकी पत्नी के साथ किसी गॉव में मेहमानी में गया था, उस समय उसकी लड़की / पीडि़ता जिसकी उम्र 16 वर्ष थी, घर पर थी जब वह शाम को 06:00 बजे के लगभग वापस लौट कर आया तो पीडिता घर पर नहीं मिली जिसकी आसपास एवं रिश्तेदारी में तलाश किया उसे शंका हुई कि गांव का अभियुक्त पीडिता को बहला फुसलाकर भगा कर ले गया है। फरियादी की काकी ने उसे यह बताया कि जब वह वापस आ रही थी तो उसने रास्ते में पीडि़ता एवं अभियुक्त को मोटरसायकल पर जाते हुए देखा था।
उक्त सूचना पर से थाना दीनदयाल नगर रतलाम पर पीडि़ता के गुम होने की सूचना क्रमांक 77/16 पर दर्ज की गई। जांच के उपरांत अपराध क्रमांक 634/16 पर प्रथम सूचना रिपोर्ट भा.द.स. की धारा 363 के अंतर्गत आरोपी राकेश के विरुद्ध पंजीबद्ध की गई।
दिनांक 05.11.2016 को पीडिता अपने माता पिता के साथ थाना दीनदयाल नगर रतलाम पर उपस्थित हुई। पीडिता ने बताया कि दिनांक 03.11.2016 को सुबह 11 बजें मेरे माता पिता मेहमानी में गये हुए थे। मैं घर पर अकेली थी तभी घर के पास में ही नदी में नहाने गयी थी तभी अभियुक्त आया और मुझे बोला मे तेरे साथ शादी करके पत्नि बनाकर रखूगा मेरे साथ चल। तो मैं उसकी बातो में आकर उसकी मोटर सायकिल पर बैठकर चली गई थी। अभियुक्त ने खेत में बनी टापरी में मुझे रात भर रखा और मेरी इच्छा के विरूद्ध जबरन खोटा काम किया। दूसरे दिन अभियुक्त श्यामू आया था और बोला कि मेरे साथ वापस चलो। मैं अभियुक्तुगण के साथ रतलाम आयी थी जहॉ मुझे दोनो छोडकर भाग गए। फिर मैंने मेरे पिताजी को खबर की तो मेरे पिताजी और माता को लेकर थाना दीनदयाल नगर रतलाम आए थे।
प्रकरण में आवश्यक विवेचना उपरांत अभियोग पत्र भा.द.सं. की धारा 363, 366, 376, 195, 34 एवं धारा 5/6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत आरोपी राकेश मकवाना एवं श्यामू मकवाना विरुद्ध माननीय विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट अंतर्गत प्रस्तुत किया गया है।
विचारण उपरांत माननीय विशेष न्यायालय द्वारा अपने निर्णय दिनांक 23.05.2022 को अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य को प्रमाणित मानते हुए अभियुक्त राकेश को दोषसिद्ध किया गया है एवं आरोपी श्यामू को अभियोजन साक्षीगण के न्यायालयीन कथनों में आए विरोधाभास के आधार पर संदेह का लाभ देकर दोषमुक्त किया गया। उक्त प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी श्रीमती गौतम परमार विशेष लोक अभियोजक रतलाम द्वारा की गई।