रतलाम। मनुष्य के मन को स्वस्थ रखने का एकमात्र उपाय है अध्यात्म। मन के स्वास्थ्य होने पर ही स्वास्थ्य तन की उपयोगिता है। महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 स्वामी चिदम्बरानन्द जी महाराज ने श्री रामकृष्ण विवेकानंद आश्रम रतलाम के आजीवन सदस्यों द्वारा गठित आरोग्य प्रकोष्ठ’ का उद्घाटन करते हुए अपने आशीर्वचनों में यह संदेश देते हुए कहा की चाहे जितनी बढिया गाडी हो ड्राइवर यदि ठीक न रहे तो समय पर मुकाम तक पहुंचना संभव नहीं हो सकता।
तन और मन दोनों की स्वस्थता के लिए रामकृष्ण मिशन देश विदेश में सेवाएं संचालित करता है। रतलाम नगर में महिला ऐवं बालिकाओं के स्वास्थ्य सुधार में संलग्न पद्मश्री डॉक्टर लीला जोशी के कार्य भी स्वामी विवेकानंद जी की विश्वविख्यात शिष्या भगिनी निवेदिता के द्वारा उन्नीसवीं सदी के प्रारंभ मे महिला शिक्षा व स्वास्थ्य के लिए कलकत्ता में किये गए कार्यों की तरह ही महत्वपूर्ण है। स्वामी जी ने डॉक्टर अरुण पुरोहित के सेवाभावी स्वभाव को देवपुरुष की तरह बताया। डॉक्टर लीला जोशी, डॉक्टर कृपाल सिंह राठौर, डॉक्टर अरुण पुरोहित कि निस्वार्थ सेवाओं से रामकृष्ण विवेकानंद आश्रम जवाहर नगर में प्रत्येक शनिवार को आयोजित नियमित नि:शुल्क चिकित्सा परामर्श शिविर से क्षेत्र के लोगों को लाभ मिलेगा तथा आश्रम का आरोग्य प्रकोष्ठ द्वारा स्वास्थ्य संबंधित सेवाओं का यह प्रकल्प वट वृक्ष की तरह विशाल आकार लेगा।
इस अवसर पर वरिष्ठ शिक्षाविद डॉक्टर मुरलीधर चांदनी वाला ने स्वागत भाषण में कहा की वर्तमान विश्व की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक व्यवस्था जो रोगग्रस्त जान पडती है; विश्व की इस रोग ग्रस्त व्यवस्था के उपचार हेतु वर्ष 1883 में स्वामी विवेकानंद जी ने सभी धर्मों को एक ईश्वर तक पहुंचने वाली जिस सनातन सभ्यता के वैदिक सिद्धांतों से संपूर्ण मानव सभ्यता को जोडऩे का जो कार्य आरम्भ किया था वह आज भी आवश्यक है। हमें इस कार्य को आगे बढ़ाने के लिए उत्कृष्ट मानव शक्ति का उत्कर्ष करने के लिए रामकृष्ण मिशन का आधार प्राप्त हुआ है जिसका मूल मंत्र है जीव सेवा ही शिव सेवा है स्वास्थ्य, एवं संसकार युक्त शिक्षा इस मिशन का उद्देश्य है।
कार्यक्रम के संचालक सुभाष शर्मा ने रामकृष्ण विवेकानंद आश्रम समिति रतलाम के पांच सूत्रीय कार्यक्रम की जानकारी देते हूवें बताया की शुद्ध आहार, संपूर्ण स्वास्थ्य, संस्कारयुक्त शिक्षा, निशक्तजनों के लिए आवास और रोजगारोन्मुखी कार्यक्रमों का समन्वित प्रकल्प आकर ले रहा है जिसे आस्वाशिआरो अर्थात आहार, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और रोजगार का समन्वित कार्यक्रम कहा जाएगा वह इस आश्रम से आरंभ होकर मिशन के सभी आश्रमों में विस्तार पाएगा यह संभावना है।
आश्रम के संरक्षक सदस्य भगवती प्रसाद कौशिक, उपाध्यक्ष नरेंद्र जोशी, सदस्य अनिल झालानी, सर्व ब्राह्मण महासभा की और से सुर्यनारायण उपाध्याय, श्रीमती सुनीता पाठक, वीणा पाठक, अदिति दवेसर, प्रतिभा सहाय, आर्ट आफ लिविंग की और से चंद्रेश भाग्यवानी, रविंद्र, बंगाली समाज रतलाम की ओर से सोमेंद्र राय चौधरी, प्रशांत विश्वास, आदि अनेक संस्थानों के पदाधिकारियों ने महामंडलेश्वर स्वामी चिदम्बरानन्द जी का माल्यार्पण कर स्वागत किया। आभार श्रीनरेंद्र जोशी ने व्यक्त किया।