सुख दुखः मे समभाव रखोगे तभी जीवन सुख प्राप्त होगा – प्रवर्तक सुकनमुनि महाराज

खवासपुरा (श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ) । खवासपुरा संसार में वही मनुष्य तिर सकता है जो सुख दुखः मे समभाव रखे । सोमवार को मरूधर केसरी रूप सुकन दरबार मे प्रवर्तक सुकनमुनि महाराज ने विशाल धर्मसभा में श्रध्दांलूओ को सम्बोधित करतें हुयें कहांकि दुनिया स्वार्थ की है यहां कौई किसी का नही जो संसार में आया है उसे छोड़कर जाना ही पड़ेगा वह प्राणी ही दुखों से मुक्त हो सकता है जो सदगुरू के वचनो को जीवन में धारण करने वाला ही आत्मा के बंधे अशुभ कर्म हटाकर जीवन मे सुख प्राप्त कर पाएगा । इस संसार मे जन्म से लेकर मृत्यु तक दुखः ही दुखः भरा हुआ है सुख दुखः मे समभाव रखने पर ही सुख की प्राप्ति होगी। महेश मुनि पंडित राकेश मुनि नानेश मुनि हितेश मुनि आदि सभी जैन संतो ने सुविपाक सूत्र और भजनों के माध्यम से धर्मसभा को धर्म मय बना दिया। श्री संघ के दिपचन्द कोठारी,शांति लाल कोठारी ने पाली,जौधपुर अजमेर,ब्यावर,बेगलोंर आदि अनेकों क्षैत्रो से पधारे अतिर्थिया का संघ की और से शोल माला पहनाकर अभिनन्दन किया गया।

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