
झुमरीतिलैया (कोडरमा) । आज जैन मंदिर पानी टंकी रोड में चातुर्मास स्थापना का राजा श्रेयांश कलश लेने का सौभाग्य रतन लाल,सुरेश कुमार, विनोद कुमार,संदीप पहाडिय़ा परिवार को मिला, आचार्य विराग सागर जी के चित्र अनावरण का सौभाग्य एवं गुरुदेव विशल्यसागर जी के चरण धोने एवं शास्त्र भेंट करने का भी सौभाग्य पहाडिय़ा परिवार को मिला ,कार्यक्रम के संयोजक सुरेंद्र काला , मंत्री ललित सेठी,उप मंत्री नरेंद्र झाझंरी, ने सभी अतिथियों को माला, दुपट्टा पहना कर स्वागत किया ।
झारखंड सरकार के राजकीय अतिथि सम्मान प्राप्त जैन संत गुरुदेव मुनि 108 श्री विशल्य सागर जी ने अपनी अमृतवाणी में कहा कि पुरुषार्थ से ही जीवन में बदलाव आता है जीवन में दूषित विचारों को त्याग करना चाहिए, यदि जीवन की इमारत को बनाना है तो क्रोध मान माया लोभ को हटाना होगा मनुष्य पर्याय में ही जीवन के महल को बनाया जा सकता है ,जिसमें हमारे परमात्मा निवास करते हैं, हमें सोना नहीं जीवन को सोना बनाना है, समय का सदुपयोग जरूरी है भगवान की मर्जी के बिना पत्ता भी नहीं हिलता है, हम अपने जीवन से खराब कर्मों को हटाना है जो पाप और नरक का कारण है, मनुष्य हमेशा दूसरे की संपत्ति को अपना मान बैठता है इस विकृति से बचना होगा , तभी मानसिक परेशानियों से मनुष्य बच सकता है और शांति का अनुभव कर सकता है इस मौके पर जैन समाज के उपाध्यक्ष कमल सेठी, दिगंबर जैन विद्यालय के संयोजक सुनील छाबड़ा, मनीष सेठी ,सुबोध गंगवाल, , मनोज सेठी,,महिला समाज की अध्यक्ष नीलम सेठी, मंत्री आशा गंगवाल , शकुंतला पहाडिय़ा, रश्मि पहाडिय़ा, शशि पहाडिय़ा, ज्योति पहाडिय़ा, किरण देवी, विधि, चारवि, ऋषभ पहाडिय़ा, सिद्धार्थ,अनिल,सुनील पहाडिय़ा, राजकुमार पहाडिय़ा आदि भक्तजन उपस्थित थे । उक्त जानकारी जैन समाज के मीडिया प्रभारी नवीन जैन राजकुमार अजमेरा ने दी ।