रतलाम । न्यायालय श्रीमान (योगेन्द्र कुमार त्यागी) विशेष न्याोयालय पॉक्सो एक्ट रतलाम (म.प्र.) के द्वारा निर्णय दिनांक 22.07.2022 को अभियुक्त् कालु पिता कमजी उर्फ कानजी भाभर जाति भील उम्र 19 साल नि. भल्लाकमाल थाना सैलाना जिला रतलाम को धारा 5एल/6 पॉक्सो एक्ट् में 20 वर्ष का कठोर कारावास और 2000रू अर्थदंड धारा 366 भादवि में 5 वर्ष का कठोर कारावास एवं 1000रू अर्थदंड दंडित किया गया।
प्रकरण में पैरवीकर्ता विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट् रतलाम श्रीमती गौतम परमार ने बताया कि दिनांक 03.08.2020 को फरियादी अभियोक्त्री (17 साल 7 माह 16 दिन) के पिता ने थाना डीडी नगर रतलाम पर उपस्थित होकर बताया कि दिनांक 02.08.2020 को फरियादी तथा उसकी पत्नी उसके सुसराल सैलाना राखी के लिये गये थे। घर पर उसकी दोनों लडकियां व उसकी मां थी। रात्रि करीब 3.25 बजे फरियादी की छोटी पुत्री फोन आया उसने बताया कि हम रात में खाना खाकर सो गये थे व रात्रि करीब 3 बजे नींद खुलने पर देखा तो अभियोक्त्री बिस्तर पर नहीं थी। उसने यह बात फरियादी की मां तथा भाई को बताई जिन्होंने अभियोक्त्री की तलाश आसपास की नहीं मिली। बाद में फरियादी ने आकर उसकी पुत्री/अभियोक्त्री की तलाश आसपास व रिश्तेदारों में की, जिसका कहीं पता नहीं चला। उसकी लडकी को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला फुसलाकर भगाकर ले गया है।
उक्त सूचना पर से थाना डीडी नगर जिला रतलाम पर पीड़िता के गुम क्र. 66/2022 होने की सूचना दर्ज की गई। जांच के उपरांत अपराध क्रमांक 391/2020 पर प्रथम सूचना रिपोर्ट भा.द.स. की धारा 363 के अंतर्गत अज्ञात आरोपी के विरुद्ध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
दिनांक 08.08.2020 को थाना डीडी नगर पर पीडिता को उसके पिता के समक्ष दस्तयाब किया गया। थाना डीडी नगर पर अभियोक्त्री ने बताया कि मैं दिनांक 03.08.2020 को अपने घर पर अपनी दादी व अपनी छोटी बहन के साथ सो रही थी। मेरी मां व मेरे पिता राखी बांधने के लिये सैलाना गये थे। मुझे अभियुक्त कालू ने कहा कि वह मुझसे शादी करना चाहता है। इसलिये उसने मुझे राखी वाले दिन रात्रि 1 बजे घर के बाहर आने का कहा था। मैं राखी वाले दिन रात्रि 1 बजे घर के बाहर आई तो अभियुक्त कालु मुझे उसके साथ पैदल-पैदल रोड तक लेकर गया उसके बाद वहां से एक पिकअप जा रही थी तो अभियुक्त कालु ने उसे रूकवाया मुझे पिकअप का नंबर नहीं मालूम है। फिर वह मुझे भल्लाकमाल गांव उसके दूसरे घर लेकर गया जहां पर कोई नहीं था। वहां उसने मुझे अपनी पत्नी बनाकर रखा। अभियुक्त कालु ने मेरे साथ 2 बार मेरी इच्छा के विरूद्ध शारीरिक संबंध बनाये अभियुक्त कालू ने मेरे मुंह पर डुपट्टा बांध रखा था तथा मुझे जान से खत्म् करने की धमकी दी थी इसलिये मैं चिल्लाचोट भी नहीं कर पाई। अभियुक्त कालू के मम्मी और पापा को जब यह बात पता चली कि अभियुक्त कालू मुझे लेकर गया है तो कल उन्होंने अभियुक्त कालु से कहा कि तू अभियोक्त्री/मुझे थाने पर छोड दे तो उसने मुझे थाने पर छोडा जहां से मेरे व अभियुक्त् कालु के माता-पिता पुलिस के साथ थाने पर आये थे। उसके बाद रात में मुझे थाना डीडीनगर रतलाम लेकर आये थे।
विवेचना के दौरान अभियुक्त कालू को गिरफ्तार किया गया तथा आवश्यक विवेचना उपरांत अभियोग पत्र भा.द.सं. की धारा 363, 366ए, 376(2)(एन),506 भादवि एवं धारा 5एल/6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत अभियुक्त कालु के विरुद्ध माननीय विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट में प्रस्तुत किया गया। विचारण उपरांत माननीय विशेष न्यायालय द्वारा अपने निर्णय दिनांक 22.07.2022 को अभियोजन की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजी एवं मौखिक साक्ष्य, को प्रमाणित मानते हुए अभियुक्त कालु को दोषसिद्ध किया गया है। उक्त प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी श्रीमती गौतम परमार विशेष लोक अभियोजक रतलाम द्वारा की गई।