


मंदसौर जीवा गंज 25 जुलाई 2022 । धार्मिक आत्मा में जब उन्माद सवार हो जाता है उसमें अंधा बना हुआ शैतान से भी खतरनाक हो जाता है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने जैन दिवाकर प्रवचन हाल में संबोधित करते कहा कि एक नास्तिक तो अपना ही नुकसान करता है परंतु उन्मादी परमाणु बम से भी खतरनाक होता है जो धर्म भगवान और विश्व को हिंसा की ज्वाला में झोंक देता है । उन्होंने कहा कि उन्माद अपने आप में अधर्म पाप और पतन का कारण है उसका विश्व के किसी भी धर्म स्थान नहीं उन्मादी मानवता पर कलंक है । मुनि कमलेश ने बताया कि और उन्माद में ज्ञान और विवेक का दीपक बुझ जाता है अगले का नुकसान हो या ना हो लेकिन खुद के प्रेम सद्भाव वात्सल्य सद्गुण जलकर स्वाहा हो जाते हैं
जैन संत ने बताया कि उन्माद ही राक्षस का दूसरा नाम है उन्माद रहित आत्मा का ही धर्म में प्रवेश हो सकता है ऐसा सभी महापुरुषों ने बताया है राष्ट्रसंत ने कहा कि उन्माद हिंसा कट्टरता नफरतऔर आतंकवाद की जननी है दुर्भाग्य है धर्म की जाजम पर यह पांव पसार रहे हैं और धर्म के रहनुमा मोन हैं इतिहास उनको कभी माफ नहीं करेगा तपस्वी श्री घनश्याम मुनि जी के सोलवा उपवास है सेवक भेरु के 13 उपवास है अनिल जैन शेखर कासमा अनिलसंचेती यशपाल बाफना ने अतिथियों का स्वागत किया मंच का संचालन विजय खटोड़ ने किया 29 जुलाई से 3 1जुलाई तक सामूहिक तेले की तपस्या का आयोजन रखा गया है गौतम मुनि जी ने मंगलाचरण किया अखिल भारतीय जैन जिला के विचार मंच नई दिल्ली महिला शाखा गुजरात उपाध्यक्ष सोनल जैन राजकोट तपेश्वर प्रारंभ करने के लिए यहां पधारे हैं।