



महाड़ । परोपकार सम्राट आचार्य प्रवर श्रीमद्विजय ऋषभचंद्र सूरीश्वरजी म.सा.के सुशिष्य प्रवचन प्रभावक मुनिप्रवर श्री रजतचंद्र विजयजी म.सा. एवं मंगलचंद्र विजयजी का ज्ञानमय तपोमय यशस्वी चातुर्मास महाड़ नगर में चल रहा है। सिंदूर प्रकर व चन्दराज चरित्र ग्रंथ पर धारदार दमदार जोरदार जिनवाणी का शंखनाद किया जा रहा है। मुनिश्री की प्रवचन शैली और अंदाज से युवा आकर्षित हो युटर्न ले रहे हैं। मुनिश्री ने सभा में एक प्रश्न रखा और उसके प्रत्युत्तर में पर्युषण पर्व में 8 दिन बियासणा की बात कही पंकज जैन ने इसे स्विकार किया । वैसे ही विवाह में भोज समारोह दिन में करने की बात कही,पूरी भरी सभा में प्रवीणजी कटारिया ने अपने पुत्र की शादी व भोज दिन में करने का संकल्प लिया। प्रवचन सभा में सभी ने अनुमोदना की। मुनिश्री के अदभुत अंदाज से समाज में नई क्रांति देखने मिल रही है। 18 दिन के निरंतर प्रवचन व धर्म अनुष्ठान ने कोंकण को सम्मोहित कर लिया है। क्षेत्र के सभी श्रीसंघ निरंतर पधारकर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं ।तप की कड़ी में सज्जनबेन नवरत्नजी देरासरिया के 9 उपवास की तपस्या का पारणा उनके परिजन ने तेला का तप नियम लेकर कराया। तपस्वी परिवार द्वारा मंगलगीत प्रभुजी की चौबीसी प्रवचन प्रभावना देवगुरु की आरती एवं श्री संघ स्वामीवात्सल्य किया गया। श्रीसंघ व चातुर्मास समिति द्वारा तपस्वी का एवं पधारे कपिलजी व्यास अतिथि का बहुमान किया गया। तपोत्सव पार्ट 3 कड़ी में श्रीमती ममता प्रवीण जी कटारिया के 11 उपवास का पारणा 29 जुलाई शुक्रवार को होगा । 30 जुलाई को तप अनुमोदना महोत्सव विरेश्वर मंदिर में रखा गया है। 15 दिवसीय प्रवचन के आधार पर प्रश्न वाटिका ,प्रश्न मंच, प्रश्न पेपर का आयोजन शुक्रवार 29 जुलाई को प्रात: 9:00 से 10:30 तक होगा। 10 यतिधर्म तपस्या में करिब 40 महानुभाव जुड़े हैं। पहला व दूसरा बियासणा दिलीप सुकलेचा एवं रामलाल भंडारी ने लाभ लिया। प्रभावना इंदौर के प्रीतिबेन विनोद खाविया ने की। 15 दिन का बहुमान आदेश अशोक शाह ने लिया। आगामी 12 अगस्त को दूसरी चमत्कारी प्रभावशाली महामांगलिक होगी। सभी से निवेदन है समस्त आयोजन में पधारकर धर्मलाभ प्राप्त करें।