रतलाम। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार निर्वाचक नामावली के संशोधित फॉर्म, नवीन सिक्योरिटी फीचर्स वाले मतदाता फोटो पहचान पत्रों के क्रियान्वयन तथा आधार नंबर सीडिंग के संबंध में एक बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सोमवार को प्रातः आयोजित की गई। अपर कलेक्टर तथा उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री एम.एल. आर्य की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राजनीतिक दलों के पदाधिकारी श्री पीयूष बाफना, श्री दिनेश शर्मा, श्री जाफर हुसैन, श्री मांगीलाल नगावत, श्री अभय जैन आदि उपस्थित थे।
बैठक में आयोग के नवीन निर्देशों की जानकारी से अवगत कराया गया। बताया गया कि आधार संग्रहण के संबंध में फार्म 6b में अथवा ऑनलाइन जानकारी संकलित करके नामावली में दर्ज की जाएगी। इसके लिए जिले के प्रत्येक बीएलओ को भी अपने मतदान क्षेत्र के कम से कम 25 मतदाताओं के आधार नंबर प्राप्त करके ऑनलाइन लिंक के माध्यम से दर्ज किया जाना अनिवार्य है। आधार नंबर का केवल संकलन किया जाएगा। यह नंबर नामावली एपिक या अन्य किसी भी दस्तावेज में प्रदर्शित नहीं किए जाएंगे।
बैठक में नामावली के फार्मो में संशोधन के संबंध में जानकारी दी गई कि फार्म 6 नवीन मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए निम्नानुसार संशोधन किए गए हैं जिसके तहत आधार नंबर या उनके स्थान पर आयोग द्वारा निर्धारित 11 दस्तावेजों में से किसी एक का उल्लेख करना होगा। आयु के स्थान पर केवल जन्मतिथि ही दिखाना है। पते में तहसील या तालुका का नाम बढ़ाया गया है। मतदाता यदि दिव्यांग है तो दिव्यांगता का प्रतिशत चिकित्सक के प्रमाण पत्र अनुसार अंकित करना होगा। फार्म 6 a अप्रवासी भारतीय मतदाताओं के लिए होकर यथावत रहेगा। फॉर्म 6 बी आयोग द्वारा नवीन प्रचलित किया गया है जिसके माध्यम से रजिस्टर्ड मतदाताओं द्वारा अपना आधार नंबर दर्ज करवाया जा सकेगा।
फार्म 7 नाम विलोपन हेतु होकर आयोग द्वारा यह संशोधन किया गया है कि अब आवेदक द्वारा नाम विलोपन का स्पष्ट कारण दर्ज करना होगा। फॉर्म 8 नामावली में सभी प्रकार के संशोधन के लिए होकर आयोग द्वारा यह संशोधन किया गया है कि मोबाइल तथा ईमेल भी दर्ज करवाए जा सके। साथ ही फार्म एक निरस्त कर अब फार्म 8 से ही डुप्लीकेशन का कार्य किया जाएगा। फॉर्म 8a पूर्व में एक ही विधानसभा क्षेत्र में पता परिवर्तन हेतु उपयोग किया जाता था। यह फार्म आयोग द्वारा निरस्त किया गया है। अब सभी प्रकार के संशोधन फार्म 8 से ही किए जाएंगे।
सेवा निर्वाचक मतदाताओं के संबंध में जानकारी दी गई कि सेवा निर्वाचक द्वारा नाम जुड़वाने हेतु फार्म दो का उपयोग किया जाता था जिसमें केवल सेवा निर्वाचक का ही नाम रहता था। उसमें पति के साथ पत्नी एवं पत्नी के साथ पति का नाम जोड़ा नहीं जाता था। अब यदि सेवा निर्वाचक के साथ संबंधित के पति अथवा पत्नी साथ में निवास करते हैं तो उन दोनों को सेवा निर्वाचक मानकर नाम अंकित किया जाएगा।
नामावली के प्रकाशन के संबंध में बताया गया कि नामावली का प्रकाशन प्रत्येक वर्ष जनवरी ने किया जाता था। अब यह प्रकाशन त्रैमासिक होकर प्रत्येक त्रैमास की 1 तारीख को किया जाएगा। प्रतिवर्ष होने वाले प्रकाशन की अवधि में 1 वर्ष में कोई भी संशोधन एक बार ही किया जा सकता था एवं द्वितीय संशोधन के लिए आगामी प्रकाशन की प्रतीक्षा करना पड़ती थी क्योंकि अब प्रत्येक के त्रैमास में प्रकाशन होने से सॉफ्टवेयर निरंतर चालू रहेगा जिससे कोई भी त्रुटि आगामी त्रैमास में संशोधित की जा सकेगी एवं अगले 1 वर्ष की प्रतीक्षा नहीं करना पड़ेगी।
वर्तमान में मतदाता परिचय पत्र स्मार्ट कार्ड के रूप में होकर वर्टिकल के स्थान पर होरिजेंटल रहेगा तथा आयोग द्वारा मतदाता परिचय पत्र को किसी प्रकार के शुल्क से मुक्त किया गया है। इससे मतदाता को अब कोई भी चालान जमा नहीं करना पड़ेगा। मतदाता परिचय पत्र गुम होने की स्थिति में नवीन आवेदन के साथ एफआईआर की प्रति संलग्न की जाएगी। स्वीप गतिविधियों की भी जानकारी दी गई। जिला स्तर के दो एवं एक पीडब्ल्यूडी आइकॉन के प्रस्ताव प्रेषित किए जाएंगे। लिटरेसी क्लब को बैठक के माध्यम से सक्रीय किया जाएगा। कॉलेज में बीएलओ की सूची उपलब्ध कराई जाएगी। स्वीप कमेटी की बैठक आयोजित कर आगामी कार्यक्रम तय किए जाएंगे। निर्वाचन के दौरान पीडब्ल्यूडी एवं 80 वर्ष एवं इससे अधिक आयु के फोटो संकलित कर आयोग को प्रेषित किए जाएंगे।
मतदाताओं का लिंगानुपात की समीक्षा मतदान केंद्रवार ईआरो द्वारा की जाएगी एवं न्यूनतम महिला मतदाता वाले मतदान केंद्रों पर अधिक से अधिक महिला मतदाता के नाम जोड़े जाकर लिंगानुपात गेप पूर्ण किया जाएगा। बताया गया कि वर्तमान में रतलाम जिले में महिला मतदाताओं का अनुपात 982 प्रति 1000 है जिसे आयोग के निर्देशानुसार बढ़ाकर 985 प्रति 1000 किया जाना है। इसी प्रकार पिछले मतदान की टर्नओवर रिपोर्ट के आधार पर कम मतदान वाले मतदान केंद्रों की समीक्षा कर यदि वास्तव में जो मतदाता मौके पर निवासरत नहीं हो तो उनके नाम के विलोपन की कार्यवाही की जाएगी जिससे मतदान के टर्नओवर का सही ज्ञान हो सके।