राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत नि-क्षय सॉफ्टवेयर का प्रशिक्षण दिया गया

रतलाम । जिले में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत नए रोगियों को खोजने के लिए सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं। जिले में निजी चिकित्सालय में उपचार हेतु आने वाले टीबी के मरीजों में लक्षण दिखाई देने पर मरीजों की जानकारी जिला क्षय केंद्र में सूचित करने की प्रक्रिया निरंतर चल रही है। इस प्रकार निजी चिकित्सालय में आने वाले मरीजों को शासकीय जिला क्षय केंद्र में पूरा उपचार निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।
जिला क्षय अधिकारी डॉ. अभिषेक अरोरा ने बताया कि जिले के निजी चिकित्सालय के अधिकारी कर्मचारियों को नि-क्षय सॉफ्टवेयर चलाने का प्रशिक्षण प्रदान कर दिया गया। इस प्रकार जिले में समस्त टीबी के मरीजों की जानकारी कार्यालय को उपलब्ध हो जाएगी तथा सभी मरीजों का पूरा उपचार किया जाना संभव हो सकेगा। कार्यक्रम के अंतर्गत निजी चिकित्सक द्वारा टीबी के मरीज की सूचना देने पर 500 रुपये की राशि संबंधित चिकित्सक को प्रदान किए जाने का प्रावधान है। उल्लेखनीय है कि 15 दिन से अधिक की खांसी, शाम को बना रहने वाला बुखार, वजन की कमी, भूख ना लगना आदि लक्षण टीबी के हो सकते हैं । टीबी की समय पर जांच और पूरा उपचार कराने से टीबी पूरी तरह ठीक हो जाती है।
उल्लेखनीय है कि मातृ स्वास्थ्य और क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के संयुक्त प्रयास द्वारा सभी गर्भवती माताओं की टीबी संबंधी परीक्षण किया जाना भी अनिवार्य कर दिया गया है ताकि समय पर उचित और पूरा उपचार किया जा सके। इस अवसर पर पीएमडीटी कोऑर्डिनेटर श्री जयसिंह सिसोदिया एवं अन्य अधिकारी, कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।

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