समग्र जैन समाज के 23 अगस्त से 9 सितम्बर तक पर्यूषण महापर्व पर कत्लखाने एवं मांस-मछली के क्रय-विक्रय पर प्रतिबंधित लगाया जावे

जावरा (अभय सुराणा)। देव ऋषियों महामुनीयो की इस भारत धरा पर भगवान महावीर स्वामी, गौतम बुद्ध, मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम जैसें महापुरुषों ने इस धरा पर अवतरित होकर हमें सदा धर्म की राह पर चलने का प्रतिबोध कराया गया जिसके कारण जैन समाज इस पावन धरा पर सदा त्याग तपस्या जीवदया समर्पण के साथ धार्मिक गतिविधियों में संलग्न रहकर भगवान महावीर स्वामी का संदेश जियो और जीने दो अंहिसा परमोधर्म जीवदया के प्रति कटिबद्ध रहते हुए दुनिया को शांति का संदेश देते हुए सभी का सभी का सम्मान करता है जैन धर्म के सबसे बड़े पर्व पर्यूषण महापर्व को समस्त जैन समाज 23 अगस्त से 9 सितम्बर तक भगवान महावीर स्वामी की जीनवाणी के साथ साधु संतो साध्वी गण के सानिध्य में विभिन्न धार्मिक गतिविधियों के साथ सामायिक, प्रतिक्रमण, पुजन, त्याग, तपस्या एवं विशेष रुप से प्राणी मात्र के प्रति करुणा भाव के साथ मनाते हैं श्वेतांबर परंपरा 8 दिवसीय, दिगंबर परंपरा 10 दिवसीय पर्यूषण महापर्व मनाते हैं । अ भा जैन दिवाकर विचार मंच नईदिल्ली के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी एवं जैन कांफ्रेंस वैयावच्चय योजना के प्रांतीय मंत्री संदीप रांका जावरा ने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द्रजी मोदी एवं मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय श्री शिवराज सिंहजी चौहान को एक पत्र ईमेल के माध्यम से लिखकर निवेदन किया की पर्यूषण महापर्व 23 अगस्त से 9 सितम्बर तक कत्लखाने एवं मांस-मछली के क्रय-विक्रय को प्रतिबंधित करनें का निवेदन किया की जैन समाज की भावना का सम्मान कर भगवान महावीर स्वामी का संदेश जियो और जीने दो अंहिसा परमोधर्म के प्रति सहयोग प्रदान करें ।

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