रतलाम । जिले को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में अव्वल स्थान पर लाने के लिए कलेक्टर श्री नरेंद्र सूर्यवंशी द्वारा प्रतिदिन विभागों की समीक्षा आरंभ की गई है। कलेक्टर द्वारा रोजाना चार से पांच विभागों के अधिकारियों को बुलाकर प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा की जा रही है। विगत संध्या कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग, कृषि, आपूर्ति तथा विद्युत वितरण कंपनी विभागों में लंबित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रकरणों की समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों के साथ साथ कंप्यूटर पर कार्य करने वाले ऑपरेटर्स तथा फाइल संधारित करने वाले सहायक कर्मचारी भी बुलाए गए थे ताकि प्रकरणों के निपटारे में परिलक्षित देरी की वस्तु स्थिति ज्ञात की जा सके।
समीक्षा के दौरान कलेक्टर द्वारा पाया गया कि स्वास्थ्य विभाग कि लंबित शिकायतों के निपटारे में मैदानी कर्मचारियों की अल्प कुशलता भी जिम्मेदार है। वहां कंप्यूटर पर एंट्री एएनएम द्वारा की जाती है जो कि दक्ष नहीं होती हैं। इस समस्या के निराकरण के लिए कलेक्टर ने सीएमएचओ को निर्देशित किया कि संबंधित कर्मचारियों को दक्ष बनाने के लिए ट्रेनिंग दी जाए। वर्तमान में विकासखंड के अन्य कार्यालयों में पदस्थ कुशल कर्मचारियों की सेवाएं ली जा सकती हैं। समीक्षा में स्वास्थ्य विभाग की 9 शिकायतें नॉन अटेंड, जावरा की शिकायतों में देखने में आया कि नवनियुक्त बीएमओ की बायोमेट्रिक कार्रवाई संपन्न नहीं हो सकी है इसलिए उनके द्वारा निराकरण की कार्रवाई नहीं की जा सकी है। बताया गया कि लोक स्वास्थ्य, परिवार कल्याण विभाग के पास मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में 301 शिकायतें लंबित है।
कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शिकायतों के निपटारे में लगातार पेंडेंसी को गंभीरता से लिया। अधिकारी के उत्तर पर असंतोष व्यक्त किया गया। कलेक्टर ने उपसंचालक श्री चौरसिया को चेतावनी दी कि वे अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करें। उप संचालक सहित विभाग के मैदानी अमले की वेतन रोकने की चेतावनी दी गई। जिला आपूर्ति अधिकारी की समीक्षा में भी प्रकरणों में पेंडेंसी पर सख्त नाराजगी व्यक्त की गई। नियत समय सीमा में लक्ष्य अनुसार निपटारे के लिए निर्देशित किया गया।