

मंदसौर जीवा गंज 27 अगस्त 2022। विचारों में विकार और विकृति का समावेश हो जाए तो स्व और पर के विनाश को दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती। उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने जैन दिवाकर प्रवचन हाल में संबोधित करते कहा कि उससे तन रोगों का शिकार बनता है धन की बर्बादी होती हैआत्मा का जन्म जन्मांतर में पतन होता है। मुनि कमलेश ने बताया कि विचारों की बीमारी एक्सरे मैं भी नहीं आती है विज्ञान डॉक्टर और सरकार के पास का कोई इलाज नहीं है। उन्होंने कहा कि विचारों को निर्मल और पवित्र बनाने के लिए महापुरुषों की वीतराग वाणी ही सबसे बड़ा ब्रेन फिल्टर प्लांट है जन्म जन्मांतर तक भटकने से बचाते हैं ।
राष्ट्रसंत ने कहा कि विचार अनंत ऊर्जा का भंडार है उसे सकारात्मक और रचनात्मक दिशा मिल जाए तो पूरे विश्व के लिए वरदान बन सकती बुरे विचारों से शैतान और अच्छे विचारों से भगवान बनता है।
जैन संत ने कहा कि महापुरुषों के विचार सदैव प्रासंगिक रहेंगे युगो युगो तक भटकती हुई मानवता को सही मार्गदर्शन प्रदान करेंगे हम जैसे संतों का निर्माण 21वीं सदी की भौतिकवाद के चकाचौंध में होना के विचारों का ही चमत्कार है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विभा जी पटेल ने कहा कि आज के युग में सही मार्गदर्शन देने वाली आत्मा अत्यंत दुर्लभ है संत अंधेरे में भटकने वाले के लिए दीपक के समान है।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच से नई दिल्ली महिला शाखा के वरिष्ठ कार्यकर्ता रूपल संचेती शांत क्रांत महिला संघ की अध्यक्ष मधु चोरडिया मैं विचार व्यक्त किए। शशि मारू, संगीता चोर्डिया, मधु कड़ावत, अमिता मुरडिया, सरला दुग्गड़, दिव्या काकरिया, विभा पटेल, शीतल मालवीय, यशोदा पांडे का स्वागत किया तपस्वी अक्षत मुनि जी के 26, कमलेश नलवाया 11, उत्तम वीरवाल 8, तृप्ति जैन 7 उपवास है। करीब सवा सौ एकासन हुए भारी संख्या में उपवास बेला तेला का प्रत्यय क्या किया। कौशल मुनि जी ने अंतगढ़सूत्र का वाचन किया घनश्याम मुनि जी ने विचार व्यक्त किए 28 अगस्त को प्रवचन सभा में मुनि कमलेश का जाहिर केश लोचन किया जाएगा संचालन विजय खटोड़ ने किया।