- रतलाम एवं जिलेभर से भी कई श्रावक-श्राविकाएं अनुमोदना हेंतु पहुंचे उदयपुर
- देशभर में उदयपुर राम महोत्सव से फैल रही अध्यात्म की सुगंध
- 14 साधु साध्वी व 40 श्रावक श्राविकाओं ने किया मासक्षमण
रतलाम। सेक्टर 4 जैन स्थानक भवन उदयपुर में व्यसन मुक्ति प्रणेता आचार्यश्री रामलालजी म. सा. रामेश एवं 16 साधुजी व 72 साध्वीयांजी के सानिध्य में राम महोत्सव चातुर्मास गतिमान है। यह चातुर्मास पूरे राष्ट्र में अध्यात्म की सुगंध फैला रहा है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु सामायिक आराधना के साथ जिनवाणी का लाभ ले रहे हैं। इसमें सैकड़ों लोग बाहर से भी वहां पहुंचकर दर्शन, वंदन, मांगलिक, व्याख्यान आदि का लाभ ले रहे हैं। इसमें रतलाम सहित क्षेत्र एवं जिलेभर के विभिन्न श्रीसंघों के श्रावक श्राविकाएं भी उदयपुर पहुंचे एवं अनुमोदना का लाभ लिया। आचार्यश्री रामेश के सानिध्य में चातुर्मास, प्रवचन आदि धर्म क्रियाएं पूर्ण रूप से आडंबर रहित हो रही हैं। जहां किसी तरह के भौतिकी सुख सुविधा साज सज्जा से ज्यादा अध्यात्म पर ही बल होता है। धर्मसभा में किसी तरह का लाइट, पंखा व ध्वनि प्रसाधन, मोबाइल, माइक आदि का उपयोग नहीं होता है। इससे वहां समवशरण जैसा वातावरण प्रतीत होता है। पर्युषण पर्व के आठों दिवस अंतगढ़ दशांग सूत्र वाचन के साथ-साथ विभिन्न विषयों पर प्रवचन हुए। पर्युषण के तीसरे और पांचवें दिन भ्रूण हत्या व नशा मुक्ति पर आचार्यश्री रामेश के प्रवचन ने हजारों श्रद्धालुओं को झकझोर कर रख दिया। दोनों ही विषयों के प्रसंग पर धर्मसभा में श्रावक श्राविकाओं ने खड़े होकर भ्रूण हत्या न करने व नशे से दूर रहने का सामूहिक संकल्प ग्रहण किया।
आचार्यश्री के मुखारविंद से अब तक 470 जैन भगवती दीक्षाएं हुई
आचार्यश्री रामेश का संयम जीवन लगभग 50 वर्ष का है। इतने लंबे संयम जीवन में आचार्यश्री के मुखारविंद से अब तक 470 से भी अधिक मुमुक्षु आत्माओं की दीक्षाएँ हो चुकी है। इनमें 6 दीक्षा वर्तमान में चल रहे चातुर्मास काल में हुई है। साथ ही 11 अक्टूबर 2022 को 3 दीक्षा और होगी।
54 मासक्षमण पूर्ण, क्या है मासक्षमण तप ?
राम महोत्सव में वर्षावास प्रारंभ से पर्युषण पर्व, संवतसरी दिवस सहित अब तक बीते 60 दिवस में पूर्ण 54 मासक्षमण में 14 मासक्षमण साधु साध्वीजी के तथा 40 मासक्षमण तप श्रावक व श्राविका वर्ग ने पूर्ण किए। जबकि अभी चार्तुमास का बड़ा समय बाकी है व कई तपस्याएं निर्बाध रूप से चल रही हैं। एक उपवास यानी एक दिन पूर्व सूर्यास्त से 36 घंटे कुछ भी खाना-पीना नहीं। सिर्फ सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच में गर्म या धोवन पानी अथवा अचित जल ग्रहण कर सकते हैं। यह एक उपवास होता है। इस क्रम को 30 दिन तक दोहराना, मतलब 30 दिन तक अचित जल के अलावा कुछ भी खाना-पीना नहीं तथा पूर्ण रूप से धर्म ध्यान, स्वाध्याय आदि में लगे रहना मासक्षमण तप है।
लोच में क्या सोच ?
साधु साध्वीजी के लिए लोच करना अनिवार्य है। कुछ वर्ष पूर्व आचार्यश्री रामेश ने शरीर आत्मा के भेद को बताते हुए “लोच में क्या सोच” पर अपनी बात रखी। तब से श्रद्धालुओं ने भी लोच करवाना प्रारंभ कर दिया। उदयपुर में राम महोत्सव में लोच के लिए नियत स्थान बनाया गया है। जहां केश लोच कर्मी अमरचन्द भाई व रामप्रसाद भाई आदि द्वारा अब तक 185 से अधिक श्रावकों के केश लोच किए गए हैं। आत्मबल व शरीर के प्रति आसक्ति कम व दुख, सहन शक्ति का एहसास कराता है केश लोच।
सवा करोड़ नवकार महामंत्र जाप
आचार्यश्री रामेश ने पर्युषण पर्व के आठ दिवस में सवा करोड़ नवकार महामंत्र के जाप की प्रेरणा दी थी। इसमें श्रद्धालुओं ने श्रद्धावत् होकर एक करोड़ तीस लाख से भी अधिक नवकार महामंत्र के जाप व आठ दिवस 24 घंटे अखंड नवकार मंत्र के जाप किए। चातुर्मास प्रारम्भ से अब तक साधु साध्वीजी के सान्निध्य में विभिन्न विषयक 10 शिविर भी सम्पन्न हो चुके हैं तथा 5 शिविर और होना प्रस्तावित है।
101 सामायिक एक बैठक पर करके किया कीर्तिमान स्थापित
वैसे प्राय: व्यक्ति एक बैठक पर एक, दो या अधिकतम पांच सामायिक से अधिक नहीं कर सकता हैं। वहीं अपने मनपसंद स्थान पर भी सामान्य स्थिति में एक स्थान पर लंबे समय तक बैठना बहुत कठिन कार्य हैं। लेकिन बड़ीसादड़ी के भाई पारसमल नागौरी एक ऐसे आराधक हैं, जिन्होंने एक बैठक पर 101 सामायिक की आराधना करके एक नया एवं अकल्पनीय कीर्तिमान स्थापित किया है। अर्थात 4848 मिनिट लगभग 3 दिन से भी अधिक समय तक लगभग 81 घंटे सतत एक ही स्थान पर बैठक कर यह साधना की। इस साधना के बीच में खाना, पीना, सोना, भौतिक सुविधाओं आदि का उपयोग नहीं करते हुए, मुख वास्त्रिका सहित नियत सामायिक वेश धारण कर साधना की। इतिहास पर एक नजर डाले तो 100 वर्ष पूर्व श्री लालजी महाराज सा. के सानिध्य में उदयपुर में ऐसी ही साधना हुई थी।
आचार्यश्री के दर्शनार्थ अनेक मंत्री गण पहुंच रहे
आचार्यश्री रामेश के दर्शनार्थ अनेक श्रद्धालु सहित राजनीतिक हस्तीयां भी पहुंच रही हैं और आचार्यश्री सहित अन्य सन्तो के दर्शन लाभ ले रहे हैं। गौरतलब हैं कि आचार्यश्री रामेश देश के ख्यातमान संत है तथा समय समय पर विभिन्न प्रतिष्ठित जन दर्शन व ज्ञान चर्चा हेतु आते रहते है। इसी कड़ी में चित्तौडग़ढ़ के सांसद सी.पी. जोशी, केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, उड़ीसा केबिनेट मंत्री राजेन्द्र ढोलकिया व राजस्थान के नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्द्र कटारिया, बड़ीसादड़ी विधायक ललित ओस्तवाल, मावली विधायक धर्मनारायण जोशी, रामगजमंडी विधायक मदन दिलावर सहित अनेको ने आचार्यश्री रामेश के दर्शन लाभ लेकर ज्ञान चर्चा के साथ अपनी जिज्ञासा का समाधान भी करवाया। इस तरह आचार्यश्री रामेश के सान्निध्य में “उदयपुर राम महोत्सव चातुर्मास” आध्यात्मिकता के रंग में रंग गया है। आगामी दिवसों में और भी बड़े धार्मिक आयोजन होगे। समाचार का संकलन जितेंद्र मालूप्रतापगढ़ ने किया।