मुंबई में हुआ वाणी भूषण श्री अभय सुराणा का सम्मान

रतलाम (निलेश बाफना)। महापुरुषों की धर्म सभा में खड़े होकर बोलने पर भाषा मौन हो जाती है और शब्द बोनापन महसूस करते हैं ,लेकिन गुरु भगवनतो एवं साध्वीयो के गुणगान करने से जीबान की सार्थकता सिद्ध होती है। उक्त विचार अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री अभय सुराणा ने मुंबई में विराजित अनुष्ठान आराधिका ज्योतिष चंद्रिका डॉक्टर कुमुद लताजी मा.सा., स्वर साम्राज्ञी डाॅ महाप्रज्ञा महाराज ,डॉ पदम कीर्ति जी महाराज, सेवाभावी राज कीर्ति जी म.सा. की निश्रा में हुए सम्मान के प्रत्युत्तर में कहीं।अनुष्ठान आराधिका डॉक्टर कुमुद लताजी जी महाराज साहब ने अपने प्रेरक प्रवचन के साथ ही अभय सुराणा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व के बारे में अपने विचार भी रखें, तथा प्रशंसा करते हुए अपना आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ मेवाड़ मुंबई के अध्यक्ष श्री नेमीचंदजी धाकड़ एवं उपस्थित पदाधिकारियों ने अभय सुराणा का सम्मान किया। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि अभय सुराणा को पूर्व में आचार्य भगवंत एवं अन्य साधु, साध्वी द्वारा वाणी भूषण, वाणी के जादूगर, निर्भीक श्रावक युवारत्न आदि उपाधियों से अलंकृत किया जा चुका है। वर्तमान में आप राष्ट्रीय, प्रादेशिक स्तर पर भी विभिन्न संस्थाओं में अपने दायित्व का कुशलतापूर्वक निर्वाह कर रहे हैं। दिवाकर दीप्ति परिवार भी आपको बधाई देता है।

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