आध्यात्मिक संस्कृति की पदयात्रा प्राण है सभी धर्मों में इसका महत्वपूर्ण स्थान है – राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश

11 दिसंबर रविवार को पिपलोदा में दिवाकर मंच की ओर से प्रांतीय गोरक्षा सम्मेलन का किया जा रहा आयोजन

पिपलोदा झंडा चौक 10 दिसंबर 2022 । लोकतंत्र में प्रत्येक व्यक्ति के अधिकारों का हनन करना संविधान को पांवों तले रोने के समान है उक्त विचार राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश ने सड़क सुरक्षा अभियान को संबोधित करते कहा कि आध्यात्मिक संस्कृति की पदयात्रा प्राण है सभी धर्मों में इसका महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने कहा कि सड़कों पर प्रतिदिन पद यात्रियों और निर्दोष पशुओंका मौत के घाट उतारना आम बात है रोड के साथ-साथ फुटपाथ बनाकर उनकी सुरक्षा करना सरकार का प्रथम कर्तव्य है।
मुनि कमलेश ने बताया कि धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र में सभी परंपराओं का सम्मान करना राष्ट्र का सम्मान करने के समान है हिंदुस्तान में हिंदू समाज में वैष्णो देवी रामदेवरा खाटू श्याम पंढरपुर साईं बाबा सिखों मेंस्वर्ण मंदिरमंदिर मुस्लिम में गरीब नवाज अजमेर जैन में पालीताणा गिरनार शिखरजी सहित हजारों तीर्थों में श्रद्धालु पदयात्रा करते हुए सद्भावना का संदेश देते हैं राष्ट्रीय एकता को मजबूत करते हैं।
राष्ट्रसंत ने कहा कि पर्यावरण स्वास्थ आर्थिकता की रक्षा के लिए पदयात्रा ऑक्सीजन से महत्वपूर्ण है धार्मिक पदयात्रा आध्यात्मिकता साधना का अभिन्न अंग है।
जैन संत ने कहा कि दुर्भाग्य है पर्यावरण के प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के लिए तो पानी कि तरह पैसा बाहर ही दूसरी तरफ सरकार ऋषि मुनि महात्मा संस्कृति की रक्षा करने वाले को वाहनों सेकुचल रही है विश्व की संपूर्ण संपत्ति दान देकर भी एक संत का निर्माण नहीं किया जा सकता हमारी अनमोल संपत्ति है गुरु पुण्यप्रताप से ही विश्व गुरु बनने का सौभाग्य हिंदुस्तान को मिला है उनकी सुरक्षा मैं सर्वप्रथम सरकार को पद यात्रियों की सुरक्षा के लिए पूर्व मुख्यमंत्री विजय भाई रुपाणीगुजरात सरकार की भांतिका फुटपाथ बनाने का संकल्प लेना चाहिए।
जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली के कार्यकर्ता केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिलकर इस समस्या का समाधान हेतु प्रस्ताव देगा शासन प्रभा वक भव्य भव्य मुनि आगम ज्ञाता गौतम मुनि जी ने विचार व्यक्त किए 11 दिसंबर रविवार प्रातः 9:00 पिपलोदा में प्रांतीय गोरक्षा सम्मेलन का आयोजन दिवाकर मंच की ओर से किया जा रहा है।

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