एक मानसिक रूप से अशक्त बालिका के साथ दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त को आजीवन कारावास एवं अर्थदण्ड

रतलामरतलाम माननीय न्यायालय श्रीमान अफजल खॉन विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट रतलाम (म.प्र.) के द्वारा निर्णय दिनांक 09.12.2022 को अभियुक्त शंकर पिता मांगीलाल भुरिया उम्र 29 वर्ष निवासी नाहरपुरा रावटी जिला रतलाम (म.प्र.) भा.द.स. की धारा 376(2)(जे) के तहत आजीवन कारावास अर्थात अभियुक्त को शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए कारावास और 1,000/- रूपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
प्रकरण में पैरवीकर्ता विशेष लोक अभियोजक श्रीमती प्रेमलता मण्डलोई ने बताया कि फरियादिया उसकी मॉ व अभियोत्री से मिलने अपने मायके (पीयर) आई थी। उसी दिन उसकी मॉ कार्यक्रम में चली गई थी। अभियोत्री जिसकी उम्र 16 साल है जो बचपन से ही मानसिक रूप से कमजोर होकर सोच-समझ नही पाती और वह घर पर ही रहती है दिनांक 10.12.2018 को फरियादिया, अभियोत्री का जाति का प्रमाण पत्र देने के लिए स्कूल में गई थी। वहॉ से वापस आते समय दिन में करीब 01 बजे जब उसकी बहन अभियोत्री घर पर अकेली थी तभी अभियुक्त शंकर उसकी बहन के साथ खोटा काम कर रहा था। फरियादिया चिल्लाई तो अभियुक्त वहॉ से भाग गया तो उसने उसकी मॉ को फोन करके घटना के बारे में बताया तो फिर उसकी मॉ, उसके मामा घर आए तो फरियादिया ने उनको घटना की सारी बातें बताई तो वह उसकी बहन अभियोत्री मॉ और मामा को लेकर थाने गए और रिपोर्ट की। फरियादिया की सूचना पर से थाना रावटी द्वारा अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण से संबंधित आवष्यक अनुसंधान उपरांत धारा 376(2)(एल) भादवि और 5(के)/6 पॉक्सो एक्ट में अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में पेष किया।
माननीय न्यायालय द्वारा 376(2)(जे) भादसं और 5(के)/6 पॉक्सो एक्ट में अभियुक्त के विरूद्ध आरोप विरचित किया गया। विचारण उपरांत माननीय न्यायालय द्वारा अभियोजन द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजी एवं मौखिक साक्ष्य को प्रमाणित मानते हुऐ अभियुक्त दोषसिद्ध किया गया।