एबीसी कार्यक्रम के तहत लगातार श्वानों का किया जा रहा बंध्याकरण

  • आने वाले महीनों में शहर में बहुत कम हो जाएगी श्वानों की संख्या
  • एबीसी मॉनीटरिंग समिति की बैठक में लिए गए कई निर्णय

रतलाम । शहर में श्वानों की संख्या की समस्या बढ़ने पर नगर निगम द्वारा बंध्याकरण अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत निजी संस्था के सहयोग से पूरे शहर से श्वानों को पकड़कर, जुलवानिया स्थित सेंटर पर उनका स्टरलाईजेशन (बंध्याकरण) कर वापस उसी स्थान पर छोड़ा जा रहा है। इस अभियान में बंध्याकरण होने से आने वाले समय में श्वानों की जनसंख्या में कमी आएगी।
यह बातें नगर निगम एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) प्रोग्राम मॉनीटरिंग समिति की दूसरी बैठक में की गईं। बैठक में निगम विभाग प्रभारी एपीसिंह ने बताया कि 19 नवंबर से अभियान चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट की गाईडलाईन्स का पालन करते हुए एनजीओ के डॉ. घनश्याम चौहान और डॉ. जीवन सहित चार डॉक्टर प्रतिदिन सर्जरी कर रहे हैं। सर्जरी के अलावा एंटी रैबीज वैक्सीन भी दी जा रही और इलाज के बाद तीसरे या चौथे दिन वापस उसी स्थान पर छोड़ा जा रहा है, जहां से उसे पकड़ा गया था। इससे श्वानों की जनसंख्या वृद्धि रुकेगी। यह अभियान पूरे शहर में वार्ड वार चलाया जा रहा है जिसमें कोई भी क्षेत्र नहीं छूटेगा। मॉनीटरिंग समिति में एनिमल एक्टीविस्ट हेमा हेमनानी, अमृत जैन, प्रकाश लोढा, अदिति मिश्रा, वेदप्रकाश शर्मा, उपयंत्री राजेश पाटीदार, सहित निगम अधिकारी, कर्मचारी और एनजीओ के डॉक्टर, समन्वयक आदि मौजूद थे।
नागरिकों से सहयोग की अपील
इस दौरान एनजीओ डॉक्टरों ने बताया कि शहर में आम लोग और जनप्रतिनिधि भी सीएम हेल्पलाइन पर श्वानों को पकड़कर ले जाने और दोबारा नहीं छोड़ने की शिकायत कर रहे हैं। लेकिन इस कार्यक्रम के तहत श्वानों को पकड़कर ऑपरेशन के बाद दोबारा वहीं छोड़ने का नियम है। लोग इस बात को समझकर सहयोग करें, तो अभियान के बाद से श्वानों की संख्या अवश्य कम होगी। निगम अधिकारियों ने भी लोगों से अपील की कि जब बंध्याकरण के लिए श्वान को पकड़ने वाला वाहन आए, तो देखें कि कितने श्वान पकड़े जा रहे हैं, गिनती रखें और छोड़ने के समय भी गिनें। यदि किसी श्वान को छोड़ने के बाद उसकी तबीयत में खराबी, सर्जरी के टांके खुलने, रक्त आने की समस्या हो तो नगर निगम के अधिकारी या संस्था को फोन लगाकर सूचित करें। सर्जरी के बाद घर के आसपास के श्वानों को खाने-पीने के लिए सामान्य चीजें, बैठने के लिए थोड़ा का स्थान दें, ताकि उन्हें रिकवरी में सहायता मिले।

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