- भवन निर्माण के एक वर्ष बाद नहीं मिली मजदूरी
रतलाम। ठेकेदार किरीट सिलावट ने जिला पुलिस अधीक्षक को होटल बालाजी प्रबंधक के खिलाफ शिकायत की । शिकायत के माध्यम से किरीट सिलावट के बताया कि बालाजी होटल के संचालक द्वारा कुछ समय पूर्व सालाखेड़ी फंटे पर स्थित मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग के मीड वे ट्रीट का पुन: निर्माण कार्य किया गया था । उक्त साईड के पूरे निर्माण कार्य में करीब 16 लाख 85 हजार रूपये की लागत आई थी। अधिकांश राशि निर्माण कार्य के दौरान मुझे होटल व्यवसायी द्वारा मुझे अलग-अलग समय पर किश्तों में 12 लाख रूपए दिए गए। उक्त राशि निर्माण कार्य में लगने वाली सामग्री में उपयोग की गई ।
बाकी शेष राशि के लिए होटल व्यवसायी ने मुझे कहा था कि कार्य पूर्ण होने पर पूरा पैमेंट कर देगा । वहीं जल्द से जल्द होटल शुरू करने के लिए मजदूरों ने दिन-रात दो शिफ्ट में कार्य कर निर्माण कार्य पूर्ण किया था। उक्त कार्य को पूर्ण करने के लिए मैंने अपने इलाज के रखी राशि भी र्मिाण कार्य में लगा दी। जिसके बाद मजदूरों की मजदूरी के लिए पर्याप्त राशी नहीं बची थी ।
होटल व्यवसायी द्वारा शेष राशी किश्तों में देते हुए एक लाख का भुगतान एक वर्ष से रोक दिया था।
होटल व्यवसायी ने इस बकाया राशि में से एक लाख रु का भुगतान करने की बजाय इस राशि का चेक ठेकेदार को दे दिया लेकिन चेक पर कुछ दिनों बाद की तारीख डाल दी और उसे भरोसा दिलाया कुछ दिनों बाद चेक की राशि मिल जाएगी। चेक की निर्धारित तिथि आने पर होटल मालिक जितेंद्र ने ठेकेदार को कहा कि वह कुछ दिन तक चेक न लगाए क्योकि चेक की राशि का नगद भुगतान वह कुछ दिनों में कर देगा। इसी तरह टालमटोल करते हुए जितेंद्र राठौर ने चेक की तारीख निकलवा दी और तारीख निकलने के बाद बकाया राशि देने से साफ इंकार कर दिया और अपने राजनैतिक जुड़ाव की धौंस देने लगा।
एक वर्ष बीतने बाद भी मजदूरों की मजदूरी 1 लाख रुपए बकाया ना मिलने पर ठेकेदार ने थकहार कर 20 सितंबर को पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर अपनी राशि दिलाने की गुहार लगाई। जिसके बाद आवेदन पर सालाखेड़ी चौकी की पुलिस ने होटल व्यवसायी को चौकी पर बुलाकर इस मामले में पूछताछ की तो होटल व्यवसायी ने शेष 85 रूपये बकाया स्वीकार किया। वही पुलिस ने होटल व्यवसायी को समझाइश दी कि मजदूरों की मजदूरी समय पर देना चाहिए। जिसके बाद होटल व्यवसायी ने 85 हजार की राशि 01 नवम्बर तक देना स्वीकार किया और पुलिस के सामने लिखित रूप से यह बात स्वीकार की। लेकिन अपने द्वारा लिखे जाने के बावजूद होटल व्यवसायी द्वारा तय दिनांक के बाद भी भुगतान में टालमटोल करता रहा।
ठेकेदार ने बताया कि 7 नवंबर को होटल व्यवसायी ने मेरे छोटे भाई को मिड वे रेस्टोरेंट पर बुलाकर 50 हजार का देकर बक़ाया भुगतान 35 हजार अगले दिन देने का आश्वासन देते हुए षंडयंत्र पूर्वक चेक ले लिया। वही अगले दिन फिर टालमटोली शुरू करने लगा। मेरे द्वारा फोन करने पर मोबाइल बंद कर देता है। वही घर और होटल पर जाने पर छुप जाता और कई बार मुझे बाजार में देखते ही भाग जाता है। मेने पुलिस से भी मदद की कई बार गुहार लगाई परन्तु पुलिस से भी आश्वासन ही मिला। आवेदन के माध्यम से उक्त मामले में उचित कार्यवाही कर मजदूरों को उनका हक और मजदूरी दिलाने की मांग की है ।
