


रतलाम (मृदुल धाम पारसनाथ जैन मंदिर 21 दिसंबर 2022) । नेतृत्व जितना निस्वार्थ जुझारू ऊर्जावान और सक्रिय होगा उतनी ही सफलता उसके चरण चूमेगी। उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने संबोधित करते कहा कि एक नेतृत्व अमरबेल की तरह होता है । तू खुद के पोषण के लिए दूसरों को बर्बाद कर देता है उसे इतिहास कभी माफ नहीं करेगा । उन्होंने कहा कि एक नेतृत्व नींव के पत्थर की भांति होता है जो खुद को दांव पर लगाकर निर्माण करता है ।
मुनि कमलेश ने बताया कि व्यक्ति गलती करता है तो खुद का नुकसान होता है नेतृत्व गलती करता है उसका खामियाजा पूरी देश और कौम को भोगना पड़ता है उससे बड़ा महा पापी हिंसा वादी और कोई नहीं हो सकता। राष्ट्रसंत ने कहा कि बुराई बदनामी और अपमान पर सहकर्मी मुस्कुराता रहता है विकास के कदमों को पीछे नहीं आता था वही सच्चा धार्मिक है ।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली और प्राज्ञ संघ दोनों ने मिलकर संत और संस्कृति की रक्षा के लिए जैन दिवाकर प्राज्ञ मैत्री मंच की स्थापना की । जिसमें गोरक्षा संत सेवा नशा मुक्ति राष्ट्रीय एकता पर्यावरण को प्राथमिकता दी जाएगी इसके लिए रू. 5100000 रुपए का प्रस्ताव पास किया प्राज्ञ संघ के अनुरोध पर मुनि कमलेश ने भव्य मुनि जी को आचार्य सुदर्शन लाल जी महाराज की सेवा हेतु भेजा गया।
भव्य मुनि जी ने बताया कि संयम रक्षक गुरुदेव राष्ट्रसंत कमल मुनि जी के अनंत उपकार को सात जन्म भूल नहीं पाऊंगा जब भी मुझे याद करेंगे एकलव्य की भांति सेवा में उपस्थित हो जाऊंगा मैं आपकी अमानत हूं।
दिवाकर मंच के अभय सुराणा विजय खटोड़ आशीष चौरडिया निलेश बापना अजीत खटोड़ दीपक श्रीमाल सुनील पटवा सुरेंद्र भटेवरा विपन श्रीमान जितेंद्र खिमेसरा प्रीत्युयष चौधरी और प्राज्ञ संघ के सचिन सांखला विजय नगर निर्मल चौधरी भीलवाड़ा महेंद्र खाबिया पीसांगन महावीर नाहर ब्यावर अनुराग काकरिया गुलाबपुरा 35 जनों का प्रतिनिधि मंडल सेवा में उपस्थित हुआ जैन एकता जिंदाबाद के नारों से गगन गूंज उठा श्री जैन दिवाकर प्राज्ञ मैत्री मंच के द्वारा गौशाला और सेवा के कार्यों हेतु 21 जनों की कार्यकारिणी बनी । गौतम मुनि जी का मंगलाचरण किया भव्य मुनि जी को प्राज्ञ दिवाकर पद से अलंकृत किया गया द्य उक्त जानकारी अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच युवा सखा के राष्ट्रिय मीडिया प्रभारी निलेश बाफना ने दी ।