गुरूनिहाल नगरी मेरठ पहुंचने पर श्रावकों ने की अगवानी

भीलवाड़ा (निलेश कांठेड़) । धर्मनगरी भीलवाड़ा के शांतिभवन में एतिहासिक चातुर्मास सम्पन्न करने के बाद आगममर्मज्ञ,प्रज्ञामहर्षि डॉ. समकितमुनिजी म.सा. गुरू दर्शन की जिस भावना से गुरूनिहाल नगरी मेरठ के लिए रवाना हुए थे वह बुधवार को उस समय पूर्ण हो गई जब मेरठ पहुंच उन्हें अपने गुरू श्रमणसंघीय सलाहकार भीष्म पितामत राजर्षि पूज्य सुमतिप्रकाशजी म.सा. के श्रीचरणों में वंदना कर आशीष प्राप्त किया। उनके साथ आशीर्वाद पाने वालों में भीलवाड़ा में चातुर्मास करने वाले प्रेरणाकुशल भवान्तमुनिजी म.सा. एवं गायनकुशल जयवंतमुनिजी म.सा. भी थे। भीलवाड़ा शांतिभवन से 9 नवंबर को मंगलविहार करने वाले पूज्य समकितमुनिजी म.सा. आदि ठाणा 3 डेढ़ माह से भी कम समय में 600 किलोमीटर का उग्र विहार कर गुरूचरणों में मेरठ पहुंच गए। मेरठ प्रवेश के समय उनकी अगवानी के लिए बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं मौजूद थे। उपाध्याय प्रवर वाचनाचार्य विशालमुनिजी म.सा. एवं उत्तर भारतीय प्रवर्तक आशीष मुनिजी म.सा. ने भी समकितमुनिजी म.सा. आदि ठाणा को मंगल आशीष प्रदान किया। श्रावक-श्राविकाओं ने समकितमुनिजी म.सा., भवान्तमुनिजी म.सा. एवं जयवंतमुनिजी म.सा. को भीलवाड़ा में एतिहासिक चातुर्मास कर धर्म की गंगा प्रवाहित करने के लिए हार्दिक बधाईयां देते हुए अनुमोदना की। भीलवाड़ा से मेरठ तक की विहार यात्रा मुनिश्री ने कोटड़ी, शाहपुरा, केकड़ी, मालपुरा, जयपुर, गुरूग्राम, दिल्ली होते हुए पूर्ण की।
मेरठ में एक जनवरी को दीक्षा समारोह
समकितमुनिजी म.सा. गुरुदेव सुमतिप्रकाशजी म.सा. के सानिध्य में कुछ दिन मेरठ प्रवास करेंगे। मेरठ में नववर्ष एक जनवरी का आगाज जैन भगवती दीक्षा से होंगा। इस दिन श्रमण संघीय सलाहकार भीष्म पितामह पूज्य सुमतिप्रकाश जी म.सा. के सानिध्य में मुमुक्षु मान्या एवं मुमुक्षु अंजलि संयम पथ स्वीकार करते हुए जैन भागवती दीक्षा ग्रहण करेगी। समारोह में उपाध्याय प्रवर वाचनाचार्य पूज्य विशालमुनिजी म.सा, उत्तर भारतीय प्रवर्तक पूज्य आशीष मुनिजी म.सा. के साथ भीलवाड़ा शांतिभवन में चातुर्मास करने वाले आगममर्मज्ञ, प्रज्ञामहर्षि पूज्य डॉ. समकितमुनिजी म.सा. का भी सानिध्य मिलेगा। गौरतलब है कि पूज्य समकितमुनिजी म.सा. आदि ठाणा का वर्ष 2023 का वर्षावास पहले ही पूना के अदिनाथ जैन स्थानक भवन घोषित हो चुका है। मेरठ प्रवास के बाद मुनिश्री पूना की दिशा में विहार करेगे।