रतलाम । त्रिवेणी तट पर चल रहे दस दिवसीय महारुद्र यज्ञ में आचार्य दुर्गाशंकर ओझा एवं २१ भूदेवों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ यजमान रचना अशोक सोनी ( कन्नोद) द्वारा आहूतियां दी जा रही है । यज्ञ का संचालन कर रहे आचार्य दुर्गाशंकर जी ओझा ने बताया कि भगवान के महारुद्र यज्ञ में एकादस विप्रो के माध्यम से अग्नि कुंड में डालने वाली आहूति २१९१३१ आहूति केवल महारुद्र यज्ञ की होती है एवं अन्य स्थापित देवों की आहूति अलग से होती है । कु ल मिलाकर करीब २५० किलो हवन सामग्री एवं ७ डिब्बे घृत की आहूति अग्नि को समर्पित कर विश्व कल्याण की भावना को लेकर सनातन धर्म एवं महारुद्र यज्ञ समिति कार्य कर रही है । इस यज्ञ में रतलाम नगर के विद्वान बिना दक्षिणा ,बिना परिश्रम के २१ भूदेवों द्वारा यज्ञ का संचालन कर रहे है । जिसमें आचार्य दुर्गाशंकर ओझा, तरुण द्विवेदी , गोपाल शर्मा , अशोक शर्मा, अवधेश दुबे, राजेश उपाध्याय योगेश्वर शा ी एवं मोहनलाल पांडे , नित्य अभिषेक, आराधना एवं अन्य विप्र विद्वानों द्वारा इस यज्ञ का संचालन किया जा रहा है, जो कि ६९ वें वर्ष में चल रहे महारुद्र यज्ञ धर्मावलंबियों एवं सनातम धर्मसभा के प्रयास से शताब्दी की ओर अग्रसर है । इसी के अंतर्गत यज्ञ के समापन पश्चात प्रतिदिन भजन कीर्तन सुन्दरकांड पाठ एवं धार्मिक प्रवचन आदि का आयोजन भी किया जा रहा है तथा आरती के समय बड़ी संख्या में धर्मालुजनों की उपस्थिति रहती है ।
आपने बताया कि बद्रीनारायण सेवा ट्रस्ट के द्वारा निराश्रितों को प्रतिदिन ११ बजे भोजन कराया जाता है । यह पुनीत कार्य तन-मन के भाव से सनातन धर्मालम्बियों द्वारा किया जा रहा है ।
इस अवसर पर कन्हैयालाल मोर्य , डा.राजेन्द्र शर्मा, नवनीत सोनी , प्रेम उपाध्याय,चेतन शर्मा, अनिल झालानी , सत्यदीप भट्ट, दिनेश उपाध्याय, राखी व्यास तारा सोनी , हंसा व्यास , आशा रानी उपाध्याय , आशा शर्मा , पदमा उपाध्याय एवं वंदना पोरवाल आदि उपस्थित थे ।