लंदन । विगत दिनांक २१ दिसंबर २०२२ को सम्मेद शिखर जी को पर्यटन स्थल घोषित किये जाने की अधिसूचना के विरोध में तथा भारत बंद के सहयोग और समर्थन में लंदन, UK के जैन समाज के प्रतिनिधि मंडल ने लंदन के सभी सरकारी अधिकारियों से भेंट कर अपना रोष और विरोध प्रकट किया।
भारत एवं विश्व के अन्य देशों के जैनों के साथ अपनी एकता का प्रदर्शन करते हुए जैन प्रतिनिधि मंडल ने UK के जैन समाज का पक्ष रखा और सभी तथ्यों और मान्यत्ताओ से अवगत करवाया।
इस चर्चा के दौरान प्रतिनिधि मंडल ने सभी अधिकारियों को तीर्थशिरोमणि सम्मेद शिखर जी के जैन समाज के लिए महत्त्व को समझाया। इस तीर्थ क्षेत्र के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्त्व के विषय में भी जानकारी साझा की गई। उन्होंने बताया की इस पवित्र स्थल से जैन धर्म के 24 में से 20 तीर्थंकर निर्वाण/ मोक्ष गए हैं। अतः इस स्थान का जैन समाज के लिए विशेष महत्व है। देश विदेश से प्रतिदिन यहाँ अनेक जैन धर्मावलंबी दर्शन पूजन करने आते हैं।
इस स्थान को पर्यटन स्थल बनाने से यहां ऐसी गतिविधियां होने लगेंगी जो उचित नहीं है और इस तीर्थ की पवित्रता को क्षति पहुँचाएँगी। जैन धर्म अहिंसा का अनुयायी है और माँस मदिरा आदि के सेवन का कड़ाई से विरोध करता है। यदि सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल बना दिया जाए तो निश्चित है की ऐसी अवांछनीय गतिविधियाँ यहाँ बढ़ने लगेंगी। इसलिए इस तपो भूमि की पवित्रता बनाए रखने के लिए सरकार को अपना फैसला वापस लेना चाहिए।
सकल जैन समुदाय के प्रतिनिधियों ने सभी भारत सरकार के पदाधिकारियों के इस निर्णय का विरोध भारत के माननीय प्रधानमंत्री जी एवं झारखण्ड के मुख्यमंत्री जी के साथ साथ सभी सम्बंधित विभागों तक पहुँचाने की मांग की। भारत सरकार के अधिकारीयों ने जैन प्रतिनिधियों की बात को गंभीरता से सुना और इस सन्देश को सम्बंधित विभागों तक पहुंचाने का और शीघ्र कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। आशा है समस्त जैन समाज के प्रयासों से शीघ्र ही इस समस्या का समाधान कर जैन समाज के हित में निर्णय लिया जाएगा।
इस महत्पूर्ण मुद्दे की चर्चा में हमारे रतलाम के गौरव, विलक्षण प्रतिभा की धनी,जैन समाज को सदैव सेवा देने को तत्पर तथा राष्ट्र हित को सर्वोपरी मानने वाली ‘सुश्री सीए मयूरी चोरड़िया जी’ लंदन निवासी ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने न केवल अपने रतलाम शहर का अपितु सकल जैन समुदाय का अंतराष्ट्रीय स्तर पर मान बढ़ाया। सुश्री मयूरी चोरड़िया जी ने आगे बताया कि सकल जैन समुदाय झारखंड सरकार को तन मन धन से वाइल्ड लाइफ सैंक्चुअरी और इको सेंसेटिव जोन के विकास में सरकार को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा किंतु झारखंड मुख्यमंत्री अपने निर्णय को तत्काल वापस ले या उसमे संशोधन करे। तब तक विरोध अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निरन्तर जारी रहेगा ।