सभी धर्मों का प्रवेश द्वार सद्भावना है इस मार्ग पर चलकर ही मोक्ष मंजिल को प्राप्त किया जा सकता है – राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश

कोटा जैन स्थानक छावनी 10 अप्रैल 2023 । मन मंदिर में प्रेम का निवास करवाए बिना की गई साधना मुर्दे को सिंगार कराने के समान है उक्त विचार राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश ने संबोधित करते कहा कि परस्पर आपस में प्रेम सद्भावना का आदान प्रदान करना इससे बड़ा कोई धर्म नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि विश्व के सभी धर्मों का प्रवेश द्वार सद्भावना है इस मार्ग पर चलकर ही मोक्ष मंजिल को प्राप्त किया जा सकता है। मुनि कमलेश ने कहा कि जो नफरत करने वाले से प्रेम करता है वह महान है और जो प्रेम करने वाले के साथ नफरत करता है वह शैतान से कम नहीं।
जैन संत ने बताया कि किसी के भावों को ठुकरा ना साक्षात परमात्मा का अपमान करने के समान है।
राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहां की जिससे हम नफरत करते हैं उसका नुकसान हो या ना हो उसे नफरत की ज्वाला में अपने सद्गुण जलकर नष्ट हो जाते हैं शैतान बन जाता नफरत परमाणु बम से भी खतरनाक है । उप प्रवर्तक श्री राकेश मुनिजी ने कहा कि प्रेम में ही पूजा भक्ति साधना और मोक्ष तक का निवास है वही सच्चा हिंदू मुसलमान सिख जैन और बौद्ध है।
मुनि श्री कमलेश के आव्हान पर तपो मूर्ति श्री घनश्याम मुनि जी की कर्मभूमि छावनी कोटा में श्री जैन दिवाकर एवं मुनि घनश्याम पक्षी विहार का शुभारंभ हुआ, दानदाताओं ने उत्साह पूर्वक हजारों का दान दिया। धर्म सभा मांगलिक श्रवण के पश्चात संपन्न हुई। छावनी श्री संघ के अध्यक्ष मोहन जैन ने सभी का आभार जताया एवं धन्यवाद ज्ञापित किया ।
आज की धर्म सभा में श्रमण संघ अध्यक्ष सुरेश जैन,पावन तीर्थ के महामंत्री ताराचंद जैन,जैन कांफ्रेंस के राष्ट्रीय मंत्री,सुधीर जैन,भामाशाह मंडी के पूर्व डायरेक्टर मनीष जैन,पोरवाल समाज कोटा के अध्यक्ष अशोक जैन,एवं समाज की कई संस्थाओं के गणमान्य लोग उपस्थित थे। सभा में पधारे हुए महानुभावों की गौतम प्रसादी “छावनी श्री संघ” की ओर से रखी गई,जिसका सभी ने लाभ लिया।