धार्मिक शिक्षा के बिना संस्कारों का शुद्धिकरण संभव नहीं- अभय सुराणा

जावरा (निप्र) । आज के इस भौतिक युग में धर्म के संस्कारों का लोप होता जा रहा है, भौतिक पढ़ाई हेतु कई विद्यालय हैं और उनकी संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है लेकिन अपने धर्म के मूलभूत सिद्धांत की जानकारी के बिना कई बच्चे धर्म से विमुख होते जा रहे हैं धार्मिक शिक्षा के बिना संस्कारों का शुद्धिकरण संभव नहीं है। उक्त विचार श्री श्वेतांबर जैन वरिष्ठ सेवा समिति के परामर्शदाता अभय सुराणा ने सागर मोती परिसर में संचालित श्री राजेंद्र जयंत जैन पाठशाला में उपस्थित धार्मिक ज्ञान अर्जित कर रही मातृशक्ति व बच्चों को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर शिक्षा समिति चेयरमैन आनंदीलाल संघवी ने कहा कि धर्मनिष्ठ संस्कारों से आत्मा को पल्लवित कीये धर्ममय जीवन संभव नहीं है हमने हमारे धेय वाक्य आओ कुछ नया करे को सार्थकता प्रदान करते हुए बच्चों में बचपन से ही पक्षियों के प्रति करुणा की भावना आए इसके लिए हमने सभी धार्मिक पाठशाला में सकोरे वितरित करने का अभियान प्रारंभ किया है जो निरंतर गतिमान है। इस अवसर पर राजकुमार हरण ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर ज्ञानार्जन कराने वाली शिक्षिका श्रीमती शोभाजी सुराणा एवं श्रीमती सीमाजी मेहता को शाल ओढ़ाकर उनका बहुमान किया । कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ उपाध्यक्ष पुखराज पटवा ने किया आभार प्रदर्शन सचिव अनिल चोपड़ा ने माना इस अवसर पर कोषाध्यक्ष नगीन सकलेचा सह सचिव रमणीक जैन श्रीमती सुधा चोपड़ा आदि विशेष रूप से उपस्थित थे। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी अशोक चोपड़ा ने दी ।

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