मुनि मंडल का हुआ आगमन

जावरा (अभय सुराणा) । प. पु. आचार्यदेवेश श्रीमद्विजय ऋषभचंद्र सूरीश्वर जी म सा के आज्ञनुवर्ती प पु मालव केशरी वरिष्ठ मुनीराज श्री हितेश चंद्र विजय जी म सा आदि ठाणा 4 का मंगल आगमन श्री शंखेश्वर मंदिर चौपाटी पर हुआ। प्रातः 7.30 मुनि मंडल का आगमन नाहटा कृषि फार्म हुआ । जंहा पर श्रीसंघ की नवकारसी श्री राजेन्द्र श्रमण विद्या पीठ द्वारा करवाई गई तत्पश्चात मुनीराज श्री हितेश विजय जी म सा, मुनीराज दिव्यचन्द्र विजय जी म सा, मुनीराज श्री वैराग्य यश विजय जी म सा एवं मुनीराज जितचंद्र विजय जी म सा को श्रीसंघ ने अगवानी कर बेंड बाजो के साथ श्री शंखेश्वर मंदिर चौपाटी पर प्रवेश कराया ,जंहा सर्वप्रथम परमात्मा के दर्शन वंदन कर पोषधशाला में पधारे, जंहा धर्मसभ प्रारम्भ हुई। मुनीराज श्री हितेश विजय जी म सा ने मंगलाचरण प्रदान किया। धर्मसभा को संबोधित करते हुवे श्री हेमेंद्र सूरी शिष्य मुनीराज वैराग्य यश विजय जी म सा ने कहा कि जिस प्रकार आप दीवाली आने पर अपने घर की, कपड़ो की, बर्तनों की चिंता करते है और उनकी सफाई करते हे पर कभी आपने अपनी आत्मा को साफ जरने की चिंता की है, आपकी आत्मा के अंदर क्रोध मान, लोभ, माया है उसको साफ जरने की कभी चिंता की है इस मन के अंदर वासनाओ की गंदी नाली बाह रही है, यह मन मलिन बन चुका है इसे साफ करने की कभी कोशिश की।
धर्मसभा को संबोधित करते हुवे वरिष्ठ मुनीराज श्री हितेश चंद्र विजय जी म सा ने कहा कि जीवन मे संगति बनाओ, अच्छी संगति के साथ जीना, दुनिया मे कुछ अच्छे लोग भी होते है जो दूसरों का भला सोचते है पर कुछ लोग ऐसे भी है जो आग लगने का कार्य करते है,हमे दुनिया को नही देखना हमे अपने आप को देखना है अपने आप को टटोलना है,इसके साथ समाज की कुछ दिवगंत आत्माओ को भी याद किया गया। इस अवसर पर श्री त्रिस्तुतिक श्रीसंघ एवम श्री शंखेश्वर ट्रस्ट चौपाटी द्वारा मुनि श्री को बहुमान पूर्वक काम्बली ओढाई । इस अवसर ओर श्री कमल नाहटा, देवेंद्र मूणत, अशोक लुक्कड़,विनोद वरमेचा, शेतानमल दुग्गड़, प्रदीप लुक्कड़, अजय सकलेचा, अनिल चोपड़ा, राजेश वरमेचा, बाबूलाल खेमसरा, भूपेंद्र रुणवाल, समरथ लोढ़ा, पीयूष चपडोद, जितेंद्र संचेती, आदि उपस्थित रहे। संचालन मंत्री श्री मदनसिंह चोरड़िया ने किया।

Play sound