स्वार्थ का त्याग के बिना धर्म का साक्षात्कार नहीं हो सकता – राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

उज्जैन 31 मई 2023 चिमनगंज मंडी। धार्मिक व्यक्ति जब स्वार्थ और सत्ता का अंधा बन जाता है तो वह राक्षस और शैतान से कम नहीं होता। उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने नयापुरा स्थानक में धर्म सभा को संबोधित करते कहा कि जहां परस्पर स्वार्थ का टकराता है वहां अधर्म पाप का संचय होता धर्म का जनाजा निकल जाता है।
मुनि कमलेश ने बताया कि स्वार्थ पूरा हुआ तो व्यक्ति भगवान लगता है जब और उसी से कमी पड़ी तो राक्षस जैसा महसूस होता है यह दोहरे मापदंड सरासर अन्याय है।
राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि स्वार्थ के नजरिए से अच्छा और बुरा मानना अज्ञानता का परिचय है स्वार्थ का त्याग के बिना धर्म का साक्षात्कार नहीं हो सकता। जैन संत ने कहा कि स्वार्थ में कमी पड़ी अथवा पूर्ति के लिए पाला बदलने वाले से बड़ा अधार्मिक और कोई नहीं हो सकता जो सत्य और न्याय का गला दबाने में भी पीछे नहीं हटता है। कौशल मुनि जी ने मंगलाचरण किया। अक्षत मुनि घनश्याम मुनि ने विचार व्यक्त किए की ओर से गुरु भगवंत का अभिनंदन किया गया।
अनाज तिलहन व्यवसाई के अध्यक्ष गोविंद खंडेलवाल वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनीष जैन कोषाध्यक्ष उमेश जैन दिनेश भायल हजारी लाल मालवीय जिनेंद्र अग्रवाल संतोष गदीया ने राष्ट्रसंत का अभिनंदन करते हुए भव्य पक्षी विहार बनाने का संकल्प लिया साथ ही लोक सेवा आयोग की परीक्षा में उज्जैन और मध्य प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली रुचिका गर्ग का अभिनंदन किया गया। अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली युवा शाखा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं स्वर्णिम भारत मंच के अध्यक्ष श्री दिनेश श्रीवास्तव 4 जून मुनि कमलेश के अभिनंदन समारोह में सभी से भाग लेने की विनंती 2 जून का प्रवचन नमक मंडी जैन स्थानक 3 जून सुभाष नगर जैन स्थानक 4 जून प्रातः जैन उपाश्रय खाराकुआ में राष्ट्रीय संत कमलमुनि कमलेश एवं मूर्ति पूजक आचार्य श्री वीर रत्न विजय जी का मधुर मिलन होगा।

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