समकित की यात्रा का पूना महानगर में भव्य मंगलप्रवेश, कोथरूड स्थानक में हुआ आयोजन

पूना, 2 जून (निलेश कांठेड़)। चातुर्मासिक महानगर प्रवेश का इससे बेहतर आगाज शायद नहीं हो सकता था कदम रखते ही पहला कार्यक्रम ही सर्वसुखकारी महामंगलकारी लोगस्स आराधना का रहे। श्रमणसंघीय सलाहकार पूज्य सुमतिप्रकाशजी म.सा. के सुशिष्य आगमज्ञाता, प्रज्ञामहर्षि, वाणी के जादूगर पूज्य समकितमुनिजी म.सा. आदि ठाणा का शुक्रवार सुबह चातुर्मास के लिए पूना महानगर में मंगल प्रवेश हुआ तो पहला आयोजन लोगस्स आराधना का ही रहा। ये आयोजन श्रीवर्धमान सांस्कृतिक प्रतिष्ठान, जैन स्थानक कोथरूड के तत्वावधान में सुबह 8 से 9 बजे तक मयूरनगर स्थित कोथरूड़ स्थानक में हुआ। इससे पूर्व है पूना नगर प्रवेश के अवसर पर कोथरूड श्रीसंघ की ओर से सुबह 7.30 बजे पूज्य समकितमुनिजी म.सा., प्रेरणाकुशल भवान्तमुनिजी म.सा., गायनकुशल जयवंतमुनिजी म.सा. आदि के सानिध्य में भव्य गरिमापूर्ण शोभायात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में पूना व आसपास के क्षेत्रों के श्रावक-श्राविकाएं शामिल हुए। कोथरूड़ श्रीसंघ के साथ चातुर्मास आयोजक श्रीआदिनाथ संघ से जुड़े पदाधिकारी व सदस्य भी उत्साह से आयोजन को सफल बनाने में जुटे रहे नगर प्रवेश शोभायात्रा के दौरान भगवान महावीर स्वामी, श्रमण संघीय आचार्य सम्राट के साथ समकितमुनिजी के जयकारे गूंजायमान होते रहे। कोथरूड़ स्थानक पहुंचने के लोगस्स जाप के माध्यम से अरिहन्त प्रभु सहित 24 तीर्थंकरों की आराधना करते हुए सर्वमंगल की कामना की गई। समकितमुनिजी ने कहा कि लोगस्स की आराधना सभी प्रकार के संकट हरणे वाली होती है। इससे आराधक सीधे तीर्थंकरों की उर्जा के साथ जुड़ते है। तीर्थंकरों की साधना कभी निष्फल नहीं होती है। कर्म निष्फल हो सकते लेकिन धर्म नहीं। यदि विधि सहित लोगस्स पाठ की आराधना की जाए तो सर्वप्रकार के आनंद का वातावरण बनता है। उन्होंने कहा कि तीर्थंकरों की उर्जा भक्त के अंदर इतनी सकारात्मक शक्ति लाती है कि भीतर परिवर्तन होना शुरू हो जाते है। तीर्थंकर देते हुए दिखाई नहीं देते लेकिन फिर भी बहुत कुछ देते है।
पूनावासियों की भक्ति भावना बेजोड़, भीलवाड़ा से खींच लाई पूना
पूज्य समकितमुनिजी म.सा. ने नगर प्रवेश कार्यक्रम में कहां कि पूनावासियों की भक्ति भावना बेजोड़ है। ये भक्ति भावना ही उन्हें पिछला चातुर्मास भीलवाड़ा करने के बाद सैकड़ो किलोमीटर दूर पूना तक खींच लाई। उन्होंने कहा कि हालांकि चातुर्मास का आगाज अब होगा लेकिन सौभाग्य से इस बार पांच माह का चातुर्मास होने से जप-तप-साधना के लिए पूनावासियों को अधिक समय मिल पाएगा। पूज्य मुनिश्री ने कहा कि चातुर्मास की सार्थकता इसी में होगी कि ये जिनशासन आराधना, स्वाध्याय व तपसाधना के नए कीर्तिमान बनाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न आयोजनों व प्रवचनों के माध्यम से युवाओं को भी धर्मपथ से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
चातुर्मास के बैनर का अनावरण
समारोह में जयवन्त मुनि ने गीत प्रस्तुत किया। महिला मंडल ने स्वागत गीत की प्रस्तुति दी। समारोह में आदिनाथ स्थानकवासी जैन भवन ट्रस्ट के तत्वावधान में चातुर्मास में होने वालों आयोजनों के बैनर का अनावरण भी किया गया। इनमें एक बैनर 29 जून से प्रतिदिन सुबह 9 बजे से आदिनाथ भवन में होने वाले प्रवचन “कहानी द्रौपदी की-कहानी कर्म की” ओर दूसरा बैनर 8 से 25 जुलाई तक होने वाली 18 दिवसीय पुण्य कलश आराधना का था। इस आराधना के तहत एक दिन उपवास ओर एक दिन बियासना होंगा।
आदिनाथ जैन स्थानक में चातुर्मासिक प्रवेश 25 जून को
पूना महानगर में प्रवेश के बाद अब पूज्य समकितमुनिजी आदि ठाणा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में विचरण के श्रावक-श्राविकाओं को धर्मसंदेश देने के साथ चातुर्मास में धर्मसाधना के लिए प्रेरणा प्रदान करेंगे। पूज्य समकितमुनिजी का वर्ष 2023 के चातुर्मास के लिए आदिनाथ जैन स्थानक भवन पूना में चातुर्मासिक मंगल प्रवेश 25 जून को होगा। श्रीआदिनाथ संघ के अध्यक्ष सचिन टांटिया ने बताया कि चार्तुमासिक मंगलप्रवेश आयोजन से जुड़ी तैयारियां भी निरन्तर जारी है। पूज्य समकितमुनिजी म.सा. का चातुर्मास तप आराधना व धर्मसाधना की दृष्टि से नए कीर्तिमान कायम करे इसके लिए पूरा श्रीसंघ समर्पित भाव से जुटा हुआ है।