जनसंख्या स्थिरता माह एवं दस्तक अभियान के संबंध में मीडिया कार्यशाला संपन्न

रतलाम 11 जुलाई 2023। विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई के अवसर पर जनसंख्या स्थिरता माह 11 जुलाई से 11 अगस्त एवं दस्तक अभियान 18 जुलाई से 31 अगस्त के मध्य विषय पर आधारित मीडिया कार्यशाला सीएमएचओ कार्यालय पर संपन्न की गई। कार्यशाला में सीएमएचओ डॉ डॉक्टर प्रभाकर ननावरे , डी एच ओ डॉक्टर वर्षा कुरील , मीडिया अधिकारी आशीष चौरसिया डिप्टी मीडिया अधिकारी श्रीमती सरला वर्मा एवं जिला मलेरिया अधिकारी डॉ प्रमोद प्रजापति द्वारा विभागीय विषयों के संबंध में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा की गई । चर्चा के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर ननावरे ने बताया रतलाम जिले में मिशन परिवार विकास कार्यक्रम के अंतर्गत जनसंख्या स्थिरता माह मनाने का उद्देश्य दंपत्तियों को उनकी इच्छा के अनुसार परिवार कल्याण के साधन अपनाने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने बताया कि मिशन परिवार विकास कार्यक्रम के अंतर्गत नवोन्मेष प्रारंभ किए गए हैं , जिसके अंतर्गत नव विवाहित दंपतियों को नई पहल किट , जिसमें महिलाओं के लिए श्रृंगार संबंधित सामग्री के साथ- साथ परिवार कल्याण के साधन भी प्रदान किए जा रहे हैं , साथ ही जिले के स्वास्थ्य संस्थाओं में अस्थाई साधनों के लिए निशुल्क अस्थाई साधन वितरण किट लगाए गए हैं । ताकि दंपत्ति सीधे परिवार कल्याण की सेवाएं प्राप्त कर सके। परिवार कल्याण के स्थाई साधनों में पुरुष नसबंदी के लिए 3000 रुपये , प्रसव पश्चात 7 दिवस के भीतर महिला नसबंदी के लिए 3000 रुपये , सामान्य महिला नसबंदी के लिए 2000 रुपये , प्रसव पश्चात कापर्टी के लिए 300 रुपये की राशि अंतरा इंजेक्शन लगवाने पर 100 रुपये की राशि हितग्राहियों के खाते में प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त साप्ताहिक छाया टेबलेट , निरोध , ओरल पिल्स , आपातकालीन गर्भनिरोधक गोलियां आदि की भी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। दंपत्तियों को ” परिवार कल्याण के अनेक उपाय, चुनिए वही जो मन को भाए ” के आधार पर निशुल्क सेवाएं प्रदान की जा रही है । परिवार कल्याण कार्यक्रम के बारे में अधिक जानकारी अपने क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता अथवा एएनएम से प्राप्त की जा सकती है ।
डीएचओ डॉक्टर वर्षा कुरील ने बताया कि दस्तक अभियान का आयोजन 18 जुलाई से 31 अगस्त के मध्य किया जाएगा । वर्ष में दो बार चलने वाले अभियान के अंतर्गत प्रथम चरण में दस्तक अभियान के दौरान एएनएम आशा कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के द्वारा जीरो से 5 वर्ष की आयु के बच्चों वाले घरों में दस्तक दी जाएगी । अभियान के दौरान बच्चों में कुपोषण की जांच ,उपचार , प्रबंधन एवं रेफरल सेवाएं प्रदान कर कुपोषित बच्चों को नजदीकी पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया जाएगा। 5 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों को रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि एवं रतौंधी की बीमारी से बचाने के लिए विटामिन ए का घोल पिलाया जाएगा। जन्मजात विकृति की पहचान कर बच्चों को उचित उपचार प्रदान किया जाएगा। माह के दौरान विश्व स्तनपान सप्ताह 1 अगस्त से 7 अगस्त के मध्य गर्भवती माताओं को और धात्री माताओं को शिशु जन्म के समय 1 घंटे के भीतर स्तनपान , 6 माह की आयु तक केवल स्तनपान, पूरक पोषण आहार प्रारंभ करने तथा 2 वर्ष की आयु तक स्तनपान जारी रखने के संबंध में परामर्श सेवाएं प्रदान की जाएंगी । छूटे हुए बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा।
कांफ्रेंस के दौरान जिला मलेरिया अधिकारी डॉ प्रमोद प्रजापति ने बताया कि जिले में मलेरिया के प्रकरणों में उल्लेखनीय कमी आई है। जिसका मुख्य कारण सामुदायिक स्वच्छता एवं नगर पालिका निगम द्वारा चलाया जा रहा स्वच्छता अभियान है । लोगों में जागरूकता बढ़ने से समय पर मलेरिया की जांच होने से उपचार करना आसान हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मच्छर के पनपने का मुख्य कारण किसी स्थान पर पानी का ठहरना होता है ,अतः जहां भी पानी ठहरा हुआ दिखाई दे , वहां पर जला हुआ अथवा मिट्टी का तेल डाल देना चाहिए, ताकि मच्छरों की उत्पत्ति ना हो सके। किसी भी प्रकार का कोई भी बुखार हो तो तत्काल नजदीकी शासकीय अस्पताल में जांच कराना चाहिए और इसका उचित उपचार करना चाहिए। रतलाम जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर रक्त जांच की निशुल्क सुविधा प्रत्येक स्तर पर उपलब्ध है । ग्रामीण स्तर पर आशा कार्यकर्ताओं को भी मलेरिया की जांच संबंधी प्रशिक्षण एवं संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं । कार्यशाला के दौरान विभिन्न मीडिया प्रतिनिधि आदि उपस्थित रहे , अंत में आभार मीडिया अधिकारी आशीष चौरसिया एवं डिप्टी मीडिया अधिकारी सरला वर्मा ने माना ।