- श्री सौभाग्य तीर्थ में मालव केसरी का गुणानुवाद
- समाधि पर लगा गुरूभक्तों का तांता


रतलाम,11 जुलाई । सागोद रोड स्थित श्री सौभाग्य तीर्थ में मालव केसरी, जैन सुधाकर, श्रमण संघ के मूर्धन्य सूत्रधार, पुज्य गुरूदेव श्री सौभाग्यमलजी म.सा. का 39 वां पुण्य स्मृति दिवस जप,तप, त्याग के साथ मना। मालव भूषण पंडित रत्न श्री महेन्द्र मुनिजी मसा के पावन सानिध्य में सुबह जाप के बाद गुणानुवाद सभा हुई। इसमें मुख्य वक्ता शुजालपुर नगर पालिका की पूर्व अध्यक्ष रचना-नीरज जैन ने कहा कि हम 1 भाग्य वाले है, लेकिन गुरूदेव 100 भाग्य वाले थे। इसीलिए सौभाग्य कहलाए। उनकी अमृतमय वाणी ने कई कमाल किए, इसलिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने उन्हें वाणी का जादूगर का करार दिया था।
गुणानुवाद सभा श्री धर्मदास जैन मित्र मण्डल ट्रस्ट श्री सौभाग्य जैन साधना एवं जनकल्याण परिसर, श्री सौभाग्य जैन नवयुवक मण्डल, श्री सौभाग्य प्रकाश भक्त मण्डल, श्री सौभाग्य जैन महिला मण्डल, बालिका व बालक मण्डल के तत्वावधान में हुई। इसमें मुख्य वक्ता श्रीमती जैन ने बताया मालव केसरी ने पूरे भारत वर्ष में चरेवेति-चरेवेति विचरण कर धर्म की प्रभावना की। उन्होंने अमृत वाणी से श्रमण संघ का निर्माण कर सबकों एक सूत्र में पिरोया, जिससे आज 1400 से अधिक साधु-साध्वी एवं सैकडों संघ देश में कार्य कर रहे है। उनके मार्ग का अनुसरण ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदौर के समाजसेवी मेघराज जैन ने की। नासिक के समाजसेवी दिलीप-हरकचन्द्र कांकरिया, चन्द्रकांत-लखीचन्द्र पारख तथा पूना के प्रवीण-किशन लुणावत विशेष अतिथि रहे। आरंभ में तीर्थ परिसर अध्यक्ष कन्हैयालाल गांधी ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि पूज्य गुरूदेव के मन में प्राणी मात्र के लिए दया थी। उनके गुणों का वर्णन करना मेरे सामथ्र्य से बाहर है। कार्यक्रम को तीर्थ परिसर के पूर्व अध्यक्ष सुरेन्द्र गादिया, तहसीलदार रूपाली जैन एवं श्री संध के पूर्व अध्यक्ष प्रकाश मूणत एवं नवयुवक मंडल के संदीप चोरडिया ने भी संबोधित किया। राजमल चोपडा ने स्तवन प्रस्तुत किया।
आरंभ में अतिथियों का स्वागत कांताबेन चोरडिया, कुसुम बेन पितलिया, मोना बोरदिया, सीमा मूणत, वर्षा पितलिया श्री संघ के आजाद मेहता, मनीष मंडलेचा, हंसमुख भाई, नरेन्द्र चोपडा, राजेन्द्र मेहता, अश्विन गंग, आनंदीलाल गांधी, पारस व्होरा, अंचल मूणत, महेन्द्र गंग, महेन्द्र गादिया, अमृत भरगट, निलेश मेहता, हर्षेन्दु भरगट, मूलचंद चोपडा, रंगलाल चोरडिया, भंवरलाल पुंगलिया, रोनक मेहता, मुकेश चोरडिया, सुजानमल दिवेल, संजय वोरा, संतोष मूणत आदि ने किया। बदनावर निवासी पारसमल छाजेड ने 11 उपवास के प्रत्याख्यान ग्रहण किए। कई गुरूभक्तों ने दान राशि लिखाकर गुरूभक्ति का परिचय दिया। बैजापुर के संचेती परिवार ने प्रभावना का लाभ लिया। कार्यक्रम का संचालन नवयुवक मंडल के पूर्वाध्यक्ष रखब चत्तर ने किया। आभार कांतिलाल मंडलेचा ने माना।
चल समारोह में उमडा गुरूभक्तों का सैलाब
मालव केसरी के पुण्य स्मृति दिवस पर गुणानुवाद सभा से पूर्व नोलाईपुरा से चल समारोह निकला। इसमें गुरूभक्तों का सैलाब उमडा। रतलाम के अलावा बामनिया, सैलाना, बदनावर, नागदा, उज्जैन, बांगरोद, नागदा धार, इंदौर, शुजालपुर, धुलिया, नासिक, कानवन, पूना, पेटलावद, थांदला आदि कई स्थानों से आए धर्मावलंबियों को आरंभ में श्री धर्मदास जैन मित्र मंडल स्थानक में विराजित श्री दिलीपमुनिजी मसा एवं श्री अमृतमुनिजी मसा आदि ने मंगलपाठ सुनाकर पुण्यतिथि पर एक वर्ष के लिए छोटे से छोटे प्रत्याख्यान लेने आव्हान किया। चल समारोह प्रमुख मार्गों से होकर सागोद रोड स्थित श्री सौभाग्य तीर्थ में सभा में परिवर्तित हो गया।