


रतलाम। शिक्षक अपने शैक्षणिक दायित्वों के साथ-साथ यदि रचनात्मक गतिविधियों में सम्मिलित होते हैं तो यह विद्यार्थियों के साथ-साथ समाज के लिए भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होता है। शिक्षक की प्रतिभा बहुआयामी होती है अध्यापन कार्य के अतिरिक्त अपनी रचनात्मक ऊर्जा का सदुपयोग विद्यार्थियों के जीवन को बदल सकता है।
उक्त विचार शिक्षक सांस्कृतिक संगठन मंच की वार्षिक साधारण सभा बैठक में मंच द्वारा आगामी कार्यक्रमों के फोल्डर विमोचन समारोह में उपस्थित शिक्षकों को संबोधित करते हुए पूर्व सहायक संचालक लोक शिक्षण इंदौर संभाग श्री जेके शर्मा जी ने व्यक्त किए। आपने कहा कि शिक्षक सांस्कृतिक संगठन की गतिविधियां छात्रों के सर्वांगीण विकास में अत्यंत सराहनीय है गैर राजनीतिक संगठन के तौर पर संगठन निरंतर शिक्षकों के हित में कार्य कर रहा है मंच द्वारा आयोजित खेलकूद एवं साहित्यिक गतिविधियों में शिक्षकों को अधिकाधिक भाग लेकर अपने व्यक्तित्व में निखार लाना चाहिए । कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ सुलोचना शर्मा ने कहा कि विगत 26 वर्षों से संगठन की गतिविधियां शिक्षकों में नवाचार और उनके सामान्य ज्ञान में वृद्धि के लिए बहुत उपयोगी रही है । कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी अमर वरदानी ने कहा कि मंच की गतिविधियां और उद्देश्य बहुत पवित्र और सकारात्मक है। जो बच्चों के और शिक्षकों के लिए अत्यंत हितकारी है बीआरसी विवेक नागर खेल अधिकारी महेंद्र सोलंकी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। आरंभ में अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सरस्वती वंदना कविता सक्सेना और आरती त्रिवेदी ने प्रस्तुत की ।
स्वागत उद्बोधन मंच अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने देते हुए कहा कि इस वर्ष भी मंच द्वारा बच्चों और शिक्षकों के लिए विभिन्न ललित साहित्यिक प्रतियोगिताएं 20 अगस्त और 27 अगस्त को आयोजित की जावेगी । इस अवसर पर शिक्षा विभाग में पदस्थ क्रीडा अधिकारी आरसी तिवारी मंच के सचिव दिलीप वर्मा लिपिक सुरेंद्र भट्ट शिक्षिका डेलन भाबरा का संस्था द्वारा शाल-श्रीफल अभिनंदन पत्र देकर सम्मानित किया गया। अभिनंदन पत्र का वाचन राधेश्याम तोगड़े, देवेंद्र वाघेला ने किया ।
इस अवसर पर श्री गोपाल जोश, बीएससी अजय बक्शी, कृष्ण चंद्र ठाकुर, रमेश उपाध्याय, रणजीत सिंह राठौड़, अनिल जोशी, श्याम सुंदर भाटी, मदनलाल मेहरा, वीणा छाजेड़, भारती उपाध्याय, कमल सिंह राठौड़, श्री महेश व्यास, दयाशंकर पालीवाल, कमलेश पालीवाल, राजेश जोशी, रक्षा के.कुमार नूतन मजावदिया, अर्चना शर्मा, विनीता पटेल, रमेश परमार, उत्सव लाल सालवी, महेंद्र सिंह भाटी, रमेश डामर, जेएस मुकाती, देवराज गहलोत, विजय यादव सहित अनेक शिक्षक उपस्थित थे । कार्यक्रम का संचालन अनिल जोशी एवं आभार राधेश्याम चौधरी ने व्यक्त किया।