श्रीसंघ 27 जुलाई को तपस्विनी को अभिनंदन पत्र करेगा भेंट

मासक्षमण तपस्वी रीता झामर
रतलाम। संयमी आत्माओं का जहां वर्षावास होता है, वह क्षेत्र स्वतः ही धर्ममय हो जाता है। वहां आराधनाओं का सिलसिला चलना स्वाभाविक है। क्योंकि उनका सानिध्य ही आराधना करने के लिए प्रेरणा रूप बन जाता है। वर्षावास के दौरान यहां श्रीधर्मदास जैन मित्र मंडल नौलाई पुरा स्थानक पर धर्म, ध्यान, जप, तप, ज्ञान आदि विभिन्न आराधानाओं का मानो मेला लगा हुआ है। हर कोई अपनी शक्ति अनुसार आराधना में रम गया है। यहां हो रही विभिन्न आराधनाएं वर्षावास हेतु विराजित जिनशासन गौरव आचार्यश्री उमेशमुनिजी के सुशिष्य धर्मदास गणनायक प्रवर्तकश्री जिनेंद्रमुनिजी के आज्ञानुवर्ती तपस्वी दिलीपमुनिजी, रविमुनिजी, आदित्यमुनिजी, रतलाम गौरव अमृतमुनिजी ठाणा 4 के सानिध्य में हो रही है। यहां 10 से भी अधिक आराधक मासक्षमण की ओर गतिमान है। इसी के तहत यहां पर अणुश्री श्राविका मंडल की अध्यक्ष रीता नवीन झामर की 31 उपवास मासक्षमण की कठोर तपस्या 26 जुलाई बुधवार को पूर्ण हो रही है। वर्षावास का यह प्रथम मासक्षमण तप पूर्ण होगा।
27 जुलाई को तप का बहुमान तप से होगा
तपस्वी रीता झामर का यह दूसरा मासखमण तप पूर्ण हो रहा है। इसके अलावा इन्होंने पूर्व में 16 उपवास एक बार, 11 उपवास एवं 8 उपवास दो – दो बार सहित कई छोटी बड़ी तपस्याएं की हैं। मासक्षमण तपस्वी की तपस्या पूर्ण होने पर 27 जुलाई गुरूवार को श्रीधर्मदास जैन मित्र मंडल नौलाईपुरा स्थानक पर धर्मसभा में तपस्वी रीता झामर का श्रीधर्मदास जैन श्री संघ द्वारा अभिनंदन पत्र भेंटकर तप की बोली लगाकर बहुमान किया जाएगा। वहीं विभिन्न धार्मिक, सामाजिक संस्थाओं द्वारा भी तपस्वी का अभिनंदन किया जाएगा। मासक्षमण तपस्वी रीता झामर एवं 16 उपवास के तपस्वी रजनीकांत झामर की तपस्या के अनुमोदनार्थ सुशीलादेवी अमरचंद झामर परिवार की ओर से सामूहिक चौवीसी स्तुति का आयोजन श्रीकृष्ण महिला कला केंद्र चांदनी चौक पर किया गया।